बुंदेलखंड राज्य अलग बनाने के लिए बुन्देलखण्ड आजाद सेना की तरफ से जिलाधिकारी बांदा के द्वारा प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

 बुंदेलखंड राज्य अलग बनाने के लिए बुन्देलखण्ड आजाद सेना की तरफ से जिलाधिकारी बांदा के द्वारा प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन



संवाददाता बाँदा :- बुंदेलखंड आजाद सेना की तरफ से जनपद सहित समूचे बुंदेलखंड में भुखमरी, गरीबी, पलायन,बेरोजगारी, उपेक्षित, पीड़ित उद्योग विहीन, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के बीच अपने अस्तित्व को खोते जा रहे  क्षेत्र पानी की कमी के लिए भी जाना जाता है जिसकी आबादी लगभग 04 करोड़ और जनसंख्या की दृष्टि

से यह देश का 09वॉ बड़ा राज्य होगा, जो उ.प्र. के बाँदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, झॉसी, जालौन, ललितपुर और म.प्र. के सागर, दमोह, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, भिन्ड और सतना जिलो को समेटे है। जिसके आंगन में नर्मदा, सोन, केन, यमुना, बेतवा धसान, चम्बल, पैयसुनी आदि पवित्र नदियां हिलकोरे भर रही है

वहीं बुन्देलखण्ड अलग राज्य निर्माण की मांग स्व. शंकर लाल मेहरोत्रा व बाँदा से पूर्व

विधायक बाबूदेव कुमार यादव ने शुरू की थी तब से लगातार आन्दोलन प्रदर्शन के माध्यम से आवास उठाई जा रही हैं। हमने खुद दिल्ली के जन्तर-मंतर लखनऊ के

विधानसभा व बाँदा में कई प्रदर्शन किये। यह मांग लगातार बढ़ती जा रही है। इसका समर्थन पूर्व में केन्द्रीय मंत्री स्व. राम विलास पासवान, स्व. चौधरी अजीत सिंह व पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं एम.पी. की पूर्व मुख्यमंत्री रही वर्तमान में भाजपा की नेता उमाभारती ने भी किया है। महोदय अगर यह राज्य बन जाता है तो यहाँ की भुखमरी, बेरोजगारी, गरीबी लाचारी, पलायन को रोका जा सकता है। यह क्षेत्र उद्योग विहीन क्षेत्र है। पानी की कमी से जूझता है। इस राज्य के बन जाने से ही बुन्देलखण्ड का भला

होगा। निगम बनाने से नहीं।

अतः आज पुनः हम बुन्देलखण्ड आजाद सेना के कार्यकर्तागण के  द्वारा मांग

की गई बुन्देलखण्ड राज्य अलग कर दो। आज आपके पास मौका है। बुंदेलखंड आजाद सेना की तरफ से कहा गया की

अगर शीघ्र ही हमारी मांगे नही मानी गई तो हम लोग 1 अगस्त के बाद विशाल आन्दोलन करने के लिए बाद होंगे