गाजर घास का नियन्त्रण सामूहिक प्रयास से सम्भव होगा: कृषि विज्ञान केंद्र

 गाजर घास का नियन्त्रण सामूहिक प्रयास से सम्भव होगा: कृषि विज्ञान केंद्र 



फतेहपुर।गाजर घास आज बहुत बडी समस्या बन गई है गाजर घास आज खेत, खलिहान, मेड ,सडक रेलवे पटरी तथा सभी खाली जगह मे उग रहा हैं और एक पौधे से हजारो बीज बनकर इसका प्रकोप बढता जा रहा है।

गाजर घास की समस्या जिस तरह से बन गई है इसके नियन्त्रण हेतु सामूहिक जागरूकता के साथ  नियन्त्रण हो कृषि विज्ञान केन्द्र थरियाव द्वारा गाजर घास उन्मूलन जागरूकता सप्ताह ( 16-22 अगस्त-2021 ) मनाकर  केन्द्र पर तथा विभिन्न गाँवो व मार्गो पर गाजर घास पर जानकारी दी गई ।

 डा० जितेन्द्र सिंह ने बताया कि गाजर घास जिस प्रकार से फैल रहा है बहुत चिन्ताजनक है एक दिन एसा आयेगा कि फसल उत्पादन करना सम्भव नही होगा। अत: इसका नियन्त्रण हेतु एक साथ जहा भी गाजर घास दिखे इसे फूलने से पहले काटना है । गाजर घास के ऊपर 20 प्रतिशत नंमक का घोल छिडके खेत मे नियन्त्रण हेतु , एट्राजीन, मेट्रिव्यूजिन , एलाक्लोर ,2-4डी  उपयोग करे । जहा खाली जगह मे गाजर घास हो ग्लाईफोसेट का छिडकाव करे ।

डा० साधना वैश ने बताया कि गाजर घास मानव व पशु स्वास्थ्य दोनो के लिये हानिकारक हैं इससे अस्थमा, दमा , एलर्जी, बुखार हो जाता है इसे हमेशा हाथ मे कुछ पहनकर ही काटे ।

डा० नौशाद आलम ने बताया ने गाजर घास का उपयोग खाद बनाने मे  फूल आने से पहले करे इसे काटकर नाडेप कम्पोस्ट भरते समय उपयोग करे तथा इसे खेत मे काटकर सड़ाए इससे खेत मे उर्वरा शक्ति बढेगी ।  

गाजर घास नियन्त्रण हेतु सभी गाँव, कस्बा ,शहर मे सामूहिक अभियान के तहत इसके उन्मूलन पर कार्य करे ।

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