उत्तर प्रदेश पुलिस में रिटायरमेंट से पहले दो साल फील्‍ड ड्यूटी से मिल सकता है आराम, सीओ या रीडर बनाने के लिए जारी हुआ आदेश

 उत्तर प्रदेश पुलिस में रिटायरमेंट से पहले दो साल फील्‍ड ड्यूटी से मिल सकता है आराम, सीओ या रीडर बनाने के लिए जारी हुआ आदेश



न्यूज़।उत्तर प्रदेश के जिलों में तैनात 58 साल से अधिक उम्र के इंस्पेक्टर ही अब सीओ और एएसपी के रीडर बनाए जाएंगे। डीजीपी मुख्यालय ने इस संबंध में जारी आदेश में संशोधन कर दिया है। पूर्व में जारी आदेश से जिलों के सभी अतिरिक्त इंस्पेक्टरों को सीओ व एएसपी के रीडर के रूप में तैनात किया जाने लगा था।डीजीपी मुख्यालय के आदेश के बाद लखीमपुर खीरी के एसपी विजय ढुल ने सात इंस्पेक्टरों को सीओ का रीडर (पेशकार) बना दिया। इस आदेश पर व्यापक प्रतिक्रिया हुई और इस पर चिंता भी जताई जाने लगी। अभी तक इस पद पर हेड कांस्टेबल की तैनाती होती रही है। मामला संज्ञान में आने के बाद आदेश की भाषा में तकनीकी त्रुटि पाई गई। अतिरिक्त इंस्पेक्टर शब्द का प्रयोग होने से यह आभास हो रहा था कि थानों पर तैनाती से बचे सभी अतिरिक्त इंस्पेक्टर माने जाएंगे।अब नया आदेश जारी कर डीजीपी मुख्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल 58 साल की उम्र वाले इंस्पेक्टरों को रीडर के रूप में तैनात किया जाए, क्योंकि ऐसे इंस्पेक्टरों को फील्ड में तैनाती के योग्य नहीं माना जाता है। डीजीपी मुख्यालय की मंशा यह है कि सीओ या एएसपी के पेशकार के रूप में 58 साल की उम्र पूरी कर चुके इंस्पेक्टर रैंक के पुलिसकर्मी काम करेंगे तो सीओ ऑफिस में रहकर जन समस्याएं सुनेंगे और उनका निराकरण कराएंगे।