रपटा पुल के ऊपर पानी आनें से दो दर्जन गांवों का सम्पर्क टूटा, ग्रामीण जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर

 रपटा पुल के ऊपर पानी आनें से दो दर्जन गांवों का सम्पर्क टूटा, ग्रामीण जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर



फतेहपुर। जिले में पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से खागा-कोट मार्ग पर दरियापुर गांव में बने रपटा पुल के 10 फीट ऊपर पानी आ जाने से लगभग दो दर्जन गांवों का जिला व तहसील मुख्यालय के साथ खखरेरू कस्बे से सम्पर्क टूट गया है। जिससे लोंगों को 10 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करना पड़ रही है।  बावजूद इसके ग्रामीण अपने प्रमुख कार्यो व रोजमर्रा की चीजों के लिए अपने खुद  के सहारे से  नदी पार कर जान जोखिम में डालते है।क्षेत्र में इस साल समय पर आये मानसून के कारण हो रही औसत वर्षा से नदियां उफान पर आ गई हैं। जिला और तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाली यमुना कटरी गांवों के इस मुख्य सड़क पर दरियापुर गांव में ससुर खदेरी-2 नदी पर बना रपटा पुल जलमग्न होने के कारण दो दर्जन से अधिक गांवों का जिला, तहसील मुख्यालय व कस्बा से पूरी तरह से सम्पर्क कट गया है। प्रभावित गांवों के लोंगों को 10 किमी अतिरिक्त दूरी तय कर जिला व तहसील मुख्यालय आना पड़ रहा है।खखरेरू थाना क्षेत्र के ग्राम दरियापुर में पुल पर बने रपटे पर पुल बनाने की मांग हर बार चुनावों में ग्रामीणों द्वारा जोरशोर से उठाई जाती है और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा उक्त मांग को शीध्र पूरा करने का आश्वासन भी मात्र चुनावों के समय दिया जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि चार दशक से प्रदेश में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की सरकारें बन चुकी हैं। शासन प्रशासन मौन लोग जान जोखिम मे डालकर ससुर खदेरी नदी पार करने पर मजबूर कोट खागा मार्ग का ये हाल है। ससुर खदेरी नदी-2 पर बने पुल पर रपटे के ऊपर से पानी चलने के कारण कोट, चन्दनमऊ, मकसूदनपुर, रोशनपुर, दरियापुर, बलवंतपुर, बरार, गाजीपुर, मीनतारा, चंदनापुर व खरखर सहित दो दर्जन गांवों का जिला व तहसील मुख्यालय से सम्पर्क टूट गया है। इन गांवों के लोंगों को आवश्यक कार्यों के लिए किशनपुर के रास्ते जिला व तहसील मुख्यालय आना पड़ता है। जिसके चलते उनके समय और श्रम के साथ ही अतिरिक्त धन की भी बर्बादी होती है।  यमुना कटरी क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि नदी का बढ़ना लगातार जारी है। अगर इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो स्थित और बिगड़ सकती है।