पाल समुदायिक उत्थान समिति एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के तत्वाधान में सम्मेलन संपन्न


 पाल समुदायिक उत्थान समिति एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के तत्वाधान में सम्मेलन संपन्न


फतेहपुर।पाल सामुदायिक उत्थान समिति एवं राष्ट्रीय अति पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संयुक्त तत्वाधान मे यूनेस्को द्वारा सम्मानित समाज सुधार के जनक पेरियार ई वी रामाश्वामी नायकर जी का जन्मोत्सव वी आई पी रोड स्थित एक गेस्ट हाउस मे समिति के जिलाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय अति पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डा अमित पाल की अध्यक्षता में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में मा बबलू पाल प्रतिनिधि जिला पंचायत सदस्य। 

विशिष्टि अतिथि के रूप में घनश्याम पाल प्रधान पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं अतिथि के रूप में मा रामसागर पाल, शिवदर्शन पाल, आयु रमा पाल, सुरेशचंद्र धनगर ,मा श्री राम पाल, मा चंदन पाल उपस्थिति रहे।संचालन रामबाबू पाल एवं  सूरजभान पाल ने सफलता पूर्वक किया। 

अतिथियों एवं वक्ताओं ने संबोधित करते हुए पेरियार के जीवन संघर्षों पर प्रकाश डाला एवं उनके बताए गए मार्ग पर चलने के लिए उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। तथा समाज को उच्च शिक्षा की तरफ ध्यान देने के लिए एवं राजनीति में भी संगठित तरीके से आगे बढ़ने की जरूरत बताई । अध्यक्षता करते हुए डॉ अमित पाल ने पेरियार के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 17 सितंबर 1879 में तमिलनाडु के एरोड नामक स्थान पर हुआ था। जिनके पिता एक जाने-माने व्यापारी थे पेरियार केवल का 64 तक पढ़ाई कर पाए और 10 वर्ष की उम्र में ही हमेशा के लिए स्कूल छोड़ दिया उन्हें बचपन से ही विज्ञान एवं तर्क के आधार पर चिंतन करते थे। इन्होंने कांग्रेस पार्टी में बढ़ते ब्राह्मण वर्चस्व की वजह से 1925 में पार्टी छोड़ दी। 1931 में तमाम विदेश यात्राएं की उन्होंने बताया कि पेरियार मूल रूप से सामाजिक क्रांतिकारी थे, उनके चिंतन का मुख्य विषय समाज था । उनका कहना था राजनीतिक सुधार से पहले सामाजिक सुधार जरूरी है। जब सभी मनुष्य जन्म से बराबर हैं तो कोई उच्च और कोई नीच नहीं हो सकता। उनके अनुयायियों ने उन्हें पेरियार (महान) की उपाधि दी । डॉक्टर अंबेडकर और पेरियार जी के वैचारिक संबंध बहुत गहरे थे। इस तरह से हम कह सकते हैं कि पश्चिम भारत में पिछड़ों अति पिछड़ों की आजादी का आंदोलन फुले शाहू आंबेडकर ने चलाया, वही आंदोलन दक्षिण भारत में नारायण गुरु और पेरियार ने चलाया था। जो आज भी पूरे भारत में अपने अंतिम मोड़ पर भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के द्वारा पूरे देश में चलाया जा रहा है। हमें अपने महापुरुषों द्वारा चलाए गए आंदोलन में जुड़कर अपने पूर्वजों के सपनों को साकार करना होगा। 

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रामपाल, रामबाबू पाल, दिनेश पाल, दिलीप पाल, प्रकाश पाल, बाबूलाल पाल, जितेंद्र पाल, अतुल पाल, श्रीकांत पाल, गंगाराम पाल, देशराज पाल, समरजीत पाल, राम निहोर पाल, राम विनोद पाल , बच्छराज पाल, उमेश पाल, आशा पाल, संगीता पाल, अंजू पाल, सुनीता पाल, सीपी सिंह पाल, राजकुमार पाल, गंगासागर पाल, ओम प्रकाश पाल, रामचंद्र पाल, जय कुमार पाल, संतोष पाल, आरके पाल, शीतल पाल, कमल पाल, राम कुमार पाल, शिव भजन पाल, राजकुमार पाल, सियाराम पाल, मनोज पाल, मनराजपाल, अवधेश पाल, वीरेंद्र पाल, राजेश पाल, गया पाल, बउआ पाल, अखिलेश पाल, देवीलाल पाल ,संदीप पाल ,धर्मेंद्र पाल, देवीप्रसाद पाल, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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