सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: हानिकारक पटाखों से दूसरों की जिंदगी की कीमत पर उत्सव नहीं मना सकते

 सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: हानिकारक पटाखों से दूसरों की जिंदगी की कीमत पर उत्सव नहीं मना सकते



न्यूज़।ग्रीन पटाखों के नाम पर हानिकारक और शोर वाले पटाखों के प्रयोग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दूसरों की जिंदगी की कीमत पर उत्सव नहीं मना सकते। इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि वह उत्सव के खिलाफ नहीं हैं लेकिन ये दूसरे नागरिकों के जीवन की कीमत पर नहीं हो सकता। उत्सव का मतलब शोर वाले पटाखे चलाना नहीं है। उत्सव फुलझड़ी या बिना शोर वाले पटाखों से भी हो सकता है।इतना ही नहीं पीठ ने प्रतिबंध के बावजूद पटाखों की लड़ी चलाए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कोर्ट के पूर्व आदेश पर अमल सुनिश्चत करना हर राज्य की जिम्मेदारी है। इस मामले पर 26 अक्टूबर को फिर सुनवाई होगी। ये तीखी टिप्पणियां जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर प्रतिबंध के मामले में सुनवाई के दौरान कीं। पीठ ने कहा कि पटाखों की लड़ी पर प्रतिबंध के बावजूद आप किसी भी राज्य में, किसी भी शहर में उत्सव मे जाइए पटाखों की लड़ी चलती मिलेगी। ये खुलेआम बाजार में उपलब्ध है।कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हमारे आदेश का पालन होना चाहिए। आखिर जब इन पर प्रतिबंध है तो ये बाजार मे आती कहां से हैं। मालूम हो कि सुप्रीम के आदेश पर सीबीआइ ने पटाखों में प्रतिबंधित केमिकल बैरियम आदि के प्रयोग किये जाने पर जांच करके सुप्रीम कोर्ट में प्रारंभिक रिपोर्ट दाखिल की है। सीबीआइ की रिपोर्ट में कंपनियों के यहां से एकत्र किए गए पटाखों में प्रतिबंधित केमिकल बेरियम पाए जाने और बड़ी मात्रा में बैरियम खरीदे जाने की बात कही गई है।

Popular posts
मूर्ति विसर्जन करने गए युवक की जमुना नदी में डूबकर हुई मौत पुलिस ने 21 घंटे बाद लाश की बरामद
चित्र
37 लोगों को लेकर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 11 लोगों की मौत
चित्र
ऐतिहासिक होता है खजुहा की रामलीला व मेला
चित्र
रहीम की टोपी राम के सर, नही है किसी का डर
चित्र
बिन्दकी नगर के अम्बेडकर चौराहे पर रथ यात्रा के दौरान बीजेपी के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने पुलिस से दिखाई गुंडागर्दी
चित्र