निर्माण मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने उपश्रमायुक्त चित्रकूटधाम मंडल बाँदा के माध्यम से मुख्यमंत्री सौपा ज्ञापन

 निर्माण मजदूर यूनियन  के पदाधिकारियों ने उपश्रमायुक्त चित्रकूटधाम मंडल बाँदा के माध्यम से मुख्यमंत्री सौपा ज्ञापन


 

संवाददाता बाँदा।आपको  बता दे पूरा मामला श्रम विभाग कार्यालय बांदा का है जहां पर आज है निर्माण मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों व मजदूरों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर उपश्रमायुक्त चित्रकूटधाम मंडल के माध्यम से मुख्यमंत्री यूपी सरकार  को लिखित ज्ञापन भेजा।मजदूरो ने बताया कि  - धरना प्रदर्शन के माध्यम से आपका ध्यान चित्रकूट धाम मंडल बांदा उप श्रम आयुक्त कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर दिलाते हुए अवगत कराना चाहते हैं कि

चित्रकूट धाम मंडल बांदा उत्तर प्रदेश का एक बहुत पिछड़ा वह अविकसित क्षेत्र है जहां बड़े पैमाने पर लोग बेरोजगार के चलते भुखमरी और पलायन के शिकार हैं गरीबों और मजदूरों के बीच गंभीर आर्थिक संकट के बावजूद डीएलसी कार्यालय कल्याण बोर्ड से संबंधित योजनाओं को बिचौलियों के माध्यम से उन्हें लागू करने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करके पात्रों के बजाय पात्रों को उसका लाभ दिया जा रहा है शिशु हित लाभ योजना में पात्र लाभार्थियों के दो किस्तों में पैसा दिया जाता है वही भी चलेगी माध्यम से योजनाओं की संपूर्ण धनराशि को एक ही किसने दे दिया जा रहा है नंबर शादी अनुदान की योजना में भी यही हाल है बिचौलियों के माध्यम से ना कराने वाले के फार्म खारिज कर दिए जाते हैं नंबर 5.- लगभग ₹1000 किसी भी मजदूर के खाते में नहीं गया है बल्कि ना भेज कर धोखाधड़ी किया गया है नंबर 6.- बीआरसी कार्यालय बांदा में शिशु हित लाभ योजना को लागू करने वाला बाबू शिवाकांत और इंस्पेक्टर महेंद्र शुक्ला व बड़ा बाबू इम्तियाज खान के माध्यम से बिचौलियों का गायन बड़े पैमाने पर लूट मचाए हुए हैं उक्त लोग दलाली ना देने वाले तथा सीधे-साधे मजदूरों के साथ अभद्र व्यवहार करने के साथ मारपीट तक करने पर उतर आते हैं।इसके अलावा अन्य जो भी योजनाएं हैं उन सब में दलाल वह भी चलो की चांदी कट रही है।उक्त माहौल के चलते मजदूरों में बडे पैमाने पर आक्रोश व्यप्त है  . 

कल्याण बोर्ड के कोष फंड को समृद्ध बनाने के लिए केंद्र सरकार अपने जीडीपी का 1% प्रदान करें और कोष को बढ़ाकर 3% किया जाए और यूनियन के अधिकारों के उल्लंघन पर रोक लगाई जाए, व सभी श्रम कानून बहाल किए जाएं और चार श्रम  कानूनों को वापस लिए जाएं ,मजदूरों के दैनिक न्यूनतम मजदूरी ₹1000 घोषित किया जाए ,  व 

उक्त भ्रष्टाचार की जांच किसी अन्य विभाग से करा कर भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों अधिकारियों को दंडित किया जाए पात्रों के दम पर पड़े विभिन्न योजनाओं के फॉर्म तत्काल कार्यवाही करके लाभार्थियों के खाते में धनराशि पहुंचाई जाए वह भी चलिए वह दलालों के ऊपर अभियोग पंजीकृत करके उन्हें जेल भेजा जाए इंदिरा नगर चिल्ला रोड पर मजदूरों के लिए एक मजदूर स्टैंड बनाया जाए और शौचालय की सुविधा की जाए आदि मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए इस मौके पर अरविंद कुमार इच्छा राम राम स्वरूप राजाराम, रमेश, प्रमोद,  रामप्रवेश यादव जिला मंत्री निर्माण मजदूर यूनियन सहित लोग मौजूद रहे।