‘साक्षर प्रधान गाॅव की शान’’ थीम के तहत निरक्षर ग्राम प्रधानों को साक्षर बनाएंगे - जिलाधिकारी अनुराग पटेल

 ‘‘साक्षर प्रधान गाॅव की शान’’ थीम के तहत निरक्षर ग्राम प्रधानों को साक्षर बनाएंगे - जिलाधिकारी अनुराग पटेल 



रिपोर्ट; श्रीकांत श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ (बाँदा)


बाँदा :- जिलाधिकारी बांदा अनुराग पटेल का एक और इन्नोवेशन आइडिया शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान-3 के अन्तर्गत आज जनपद के 58 निरक्षर महिला एवं पुरूष प्रधानों की कार्यशाला का आयोजन पंचायती राज विभाग द्वारा रानी दुर्गावती मेडिकल काॅलेज बांदा के प्रेक्षाग्र्रह में जिलाधिकारी अनुराग पटेल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।

निरक्षर महिला ग्राम प्रधानों को साक्षर बनाने की योजना ‘‘साक्षर प्रधान गाॅव की शान’’ थीम के तहत आज कार्यशाला के माध्यम से साक्षर बनाने की पहल करते हुए नामक अभियान आज से प्रारम्भ किया गया जिसमें जनपद की 53 निरक्षर महिला ग्राम प्रधान एवं 5 निरक्षर पुरूष ग्राम प्रधानों को दिन एवं रात के अध्यापकों द्वारा पठाया जायेगा। दिन के अध्यापक के रूप में सम्बन्धित ग्राम पंचायत की महिला/पुरूष अध्यापक/शिक्षामित्र/आगनबाडी कार्यकत्री/प्रधान के सगे सम्बन्धी जैसे पति/पत्नी/पुत्र एवं पुत्रियों के द्वारा पढाया जायेगा। निरक्षर ग्राम प्रधानों के पठन-पाठन की व्यवस्थाओं को देखने हेतु सम्बन्धित ग्राम पंचायत के ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी व विकास खण्ड स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को सुपरविजन करने का दायित्व सौंपा गया है तथा व्यवस्थापक/सर्पोटर के रूप में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी रामपाल तथा जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार पाण्डेय को नियुक्त किया गया है। जनपद स्तरीय 58 अधिकारियों द्वारा एक-एक कुल 58 ग्राम प्रधानों को गोद लिया गया है जो माह में कम से कम दो बार उनके स्कूल/गाॅव में जाकर उनके पठन-पाठन के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे जिसकी सूचना जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एवं पंचायत राज अधिकारी के द्वारा जिलाधिकारी बांदा को उपलब्ध करायेंगे।

महिला/पुरूष निरक्षर ग्राम प्रधानों को (60 दिन) यानि दो माह में प्राथमिक रूप से लिखने-पठने, आलेख-सुलेख तथा भली-भाॅति अपना हस्ताक्षर करने तथा सिखाने की अनूठी पहल है। इससे महिला एवं पुरूष ग्राम प्रधानों को स्वावलम्बी बनकर शासन द्वारा संचालित विभिन्न विभागों की योजनाओं को पढकर उन्हें जन-जन तक पहंुचाने में गौर्वान्वित होंगे तथा पढने-लिखने की कला सीखकर आत्म गौरव एवं आत्म सम्मान का अनुभव करेंगे। इस अभियान की एक झलक आज कार्यशाला में देखने को मिली कि जहां श्रीमती रामकान्ती ग्राम प्रधान जमालपुर, विकास खण्ड बडोखर खुर्द जो आज अपनी बेटी की शादी छोडकर पढने-लिखने की लालसा लिये हुए कार्यशाला में उपस्थित हुई।

जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज इस कार्यशाला के माध्यम से सभी निरक्षर ग्राम प्रधानों को दो माह में साक्षर बनाकर गौरर्वान्वित महसूस करेंगे। जब पढ-लिख लेंगे तो खुद अहसास होगा कि हम समाज के कितना दूर थे और साक्षर बनकर विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभायेंगे। आज यहां से यह संकल्प करके जायें कि दो माह में पूर्ण रूप से शिक्षा ग्रहण कर लक्ष्य को प्राप्त करेंगे और साक्षर बनेंगे। उन्होंने कहा कि उपरोक्त ग्राम प्रधानों को इसी प्रेक्षाग्रह में दो माह बाद प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जायेगा। जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि झांसी की रानी लक्ष्मी बाई बुन्दलेखण्ड की वीर भूमि में अग्रेंजो से लोहा लिया था और वीरता का परिचय था और अन्त में वीर गति को प्राप्त हुई थी। इसी प्रकार रानी दुर्गावती कालिंन्जर के राजा पृथ्वी सिंह चन्देल के यहां जन्म हुआ था। उन्होंने अपने जीवन में कभी हार नही मानी और मुगलों से लडाई लडी और वीरता का प्रदर्शन किया। हमारे देश में नारियों की पूजा होती है और आप लोग भी शिक्षित बनकर अपने देवताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करें तथा अपने अधिकार एवं कर्तव्यों के बारे में भली-भाॅति ज्ञान अर्जित करें और अपने परिवार के साथ-साथ अपनी ग्राम पंचायत, प्रदेश एवं देश को विकसित करने में अपना अहम योगदान दें।

कार्यशाला में जिलाधिकारी के द्वारा साक्षर किट जिसमें बैग, एक रजिस्टर, कक्षा-1 के पुस्तक और एक स्लेट थी जिसका वितरण किया गया। श्रीमती सपना यादव, श्रीमती शान्ति देवी, श्रीमती सुप्यारी, श्रीमती मीरा, शैलदा खातून, श्रीमती गीता देवी मुरवल प्रधान, श्रीमती रामबाई, श्रीमती लीला देवी सहित आदि निरक्षन प्रधानों को साक्षर किट का वितरण किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिलाधिकारी महोदय की नई सोंच के साथ यह कार्यशाला आयोजित करायी गयी है लेकिन सभी लोंगो से अनुरोध है कि अपना लक्ष्य तय कर साक्षर बने जिससे आपकी कार्य एवं क्षमता में विकास होगा और अपने अधिकार एवं कर्तव्यों का ज्ञान प्राप्त हो सकेगा।

कार्यशाला का आयोजन पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग एवं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा सफल आयोजन कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जिला विकास अधिकारी रवि किशोर त्रिवेदी, डिप्टी कलेक्टर सौरभ यादव सहित जिला स्तरीय अधिकारी, खण्ड शिक्षाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलित कर जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। जिला पंचायत राज अधिकारी ने जिलाधिकारी को बुके देकर स्वागत किया। नटराज संगीत महा विद्यालयों की बच्चियों द्वारा वन्दना गीत की डान्स के साथ मनमोहक प्रस्तुती की गयी जिसपर जिलाधिकारी द्वारा बच्चों के उत्साहवर्धन हेतु 500 रूपये की धनराशि प्रदान की गयी।

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