किसानों की खून पसीने की कमाई हो रही बर्बाद 10 से 15 दिन लाइन लगाने के बावजूद नहीं खरीदा जा रहा धान

 किसानों की खून पसीने की कमाई हो रही बर्बाद 10 से 15 दिन लाइन लगाने के बावजूद नहीं खरीदा जा रहा धान



संवाददाता बाँदा - हम बात करते हैं जनपद के धान के क्रय केंद्र की जहां पर किसानों को 10 से 15 दिन लाइन लगाने के बाद भी उनका धान नहीं खरीदा जा रहा किसान इस तरह के करा के की ठंड एवं बरसात के बीच  लाइन लगाने के बाद भी किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। बांदा जनपद के मंडी समिति में किसानों का बहुत बुरा हाल है 15_15 दिनों तक लाइन में लगकर अपने नंबर का इंतजार करते हैं और जब नंबर आता है तो खरीद केंद्रों पर महानुभावों द्वारा धान में कमी बताकर उनको वापस कर दिया जाता है

आपको बताते चलें धान खरीद केंद्रों में किसानों का धान ना बिकने  पर आने के कारण किसानों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया है कि हम लोग 15 _15 दिनों तक लाइन में खड़े रहते हैं फिर भी हमारी धान बिक्री में नंबर नहीं आता जबकि नई-नई ट्रालियां आकर माननीयों की ट्राली आकर धान बिक जाता है लेकिन हम आम किसानों की हालत बहुत खस्ता और हमारा धान खरीद केंद्रों में नहीं लिया जाता ज्यादा जिद करने पर हमारा हमारा नंबर लगता तो है लेकिन खरीद केंद्रों के अन्य महानुभाव द्वारा धान में कमी बताकर ट्राली किनारे करवा दी जाती है किसानों ने बताया कि उनका एक एक ट्राली में लाखों का माल लगा हुआ है उनके साल भर के खून पसीने की कमाई है जो इस समय बारिश में भीग करती जा रही है कई आला अधिकारी आते हैं और अपना अपना पल्ला झाड़ कर चले जाते हैं अधिकारियों के जाते ही खरीद केंद्र के कुर्सी फरोश इंसान अपनी मनमानी करने लगते हैं