अपने आप मे अनोखा है मझिलगांव का यह शिवलिंग

 अपने आप मे अनोखा है मझिलगांव का यह शिवलिंग


 

रावण द्वारा स्थापित रोज बदलता है तीन रंग


खागा(फतेहपुर)।उत्तरप्रदेश के फतेहपुर जनपद में खागा तहसील अंतर्गत मझिलगांव में यह बहुत ही प्राचीन शिव लिंग माना जाता है।यहाँ के बड़े बुजुर्गों का कहना है कि इस शिव लिंग की स्थापना कब हुई यह कोई नही जानता।शिवलिंग के गले मे कुछ लिखा हुआ है किस भाषा मे लिखा है कोई नही जान पाया,गांव के लोग बताते है कि इस शिवलिंग की स्थापना लंकापति रावण ने की थी,और यहाँ पर हवन पूजन किया था।उसी हवन की राख उड़कर जहा जहा गिरी वहाँ पर एक दिव्य जड़ी बूटी उत्पन्न हुई जिसे रुद्रवंती कहा जाता है।यह रुद्रवंती हिमालय के पहाड़ों के बाद यहां मैदानी भाग में पाई जाती है।जो तमाम असाध्य रोगों के लिए उपयोगी है।

सबसे विचित्र बात यह है कि यह मूर्ति दिन में तीन बार अपना रंग बदलती है जिसकी पुष्टि गांव के निवासी और यहाँ के पुजारी करते है।सावन मास में यहाँ हजारो शिव भक्त जलाभिषेक के लिए कांवर लेकर आते है।इस शिवलिंग की बनावट अपने आप मे अनोखी है।ऐसा शिवलिंग और कही देखने को नही मिलता।