पानी, बिजली और पेट्रोल संकट के बारे में बाबा उमाकान्त जी पूर्व में ही कई बार कर चुके हैं आगाह

 पानी, बिजली और पेट्रोल संकट के बारे में बाबा उमाकान्त जी पूर्व में ही कई बार कर चुके हैं आगाह 



जन हित व देश हित में चेतावनी के साथ समाधान भी निरंतर बता रहे त्रिकालदर्शी सन्त 


उज्जैन (मध्य प्रदेश)।भारत को विश्व गुरु बनाने का आह्वान करने वाले, इसकी तरक्की के लिए जी-जान से जुटे पक्के देशभक्त, इसके विकास की राह में आने वाले अवरोधों को पहले ही भांप कर जिम्मेदारों और सर्व साधारण को सतर्क करने वाले और बाधाओं को दूर करने के व्यवाहारिक उपाय भी बताने वाले इस समय के त्रिकालदर्शी पूरे समरथ सन्त सतगुरु उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 30 मार्च 2020 को उज्जैन आश्रम से दिए व यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर प्रसारित संदेश में बताया कि बराबर इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमें जितने पानी की जरूरत हो, हम उतना ही पानी प्रयोग करें। यह नहीं हो कि नहाने के बाद कपड़ा भी बदल लिया और नल चालू है तो समझो पानी बेकार गया। जरूरत भर बाल्टी में निकाल लो। पानी जब नहीं मिलेगा तो एक लोटा पानी की बड़ी कीमत होगी तो बचत करनी चाहिए। 


*आपने अमीरी के घमंड में बिजली व्यर्थ की तो बिजली की कमी से ऑपरेशन में मरीज की गयी जान वापस कैसे लाओगे* 


बिजली से मशीनें चलती हैं। ऑपरेशन में, वेंटीलेटर लगाकर किसी की जान बचाना है, उसके सांस को चालू करना है और बिजली नहीं है तो? आपने बिजली बहुत खर्च कर दिया, बेकार का जल रहा है। आपने उसकी कोई कीमत नहीं समझी, बोले हमारे पास पैसा है, बिल आएगा तो दे देंगे, कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन जान तो उसकी चली जाएगी, जब आप ज्यादा बिजली खर्च कर दोगे। आगे मोबाइल, इंटरनेट पर भी भारी प्रभाव पड़ेगा। ये सब ठप हो जाएंगे।


*विकट समय आ रहा है, सभी तक ये बचत का संदेश पहुंचा दो* 


जब परिस्थितीवश आदमी जान बचाने के लिए भागेगा तब क्या कोई पावर हाउस चलाएगा ताकि आपको बिजली या पेट्रोल मिल सके? व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाएगी। यह बात हमारे देशवासियों तक किसी भी माध्यम से पहुंच जाए, प्रेमियों! आप पहुंचा दो कि इस समय पर हर चीज की बचत की जरूरत है। सब अधिकारी, जनप्रतिनिधि, देश व प्रांतों के जिम्मेदार, व्यवस्था संभालने वाले, सबको अपनी इज्जत प्रतिष्ठा बचाने की जरूरत है। 


*अप्रैल 2021 में उज्जैन आश्रम में भी किया था सतर्क* 


27 अप्रैल 2021 को भी महाराज जी ने उज्जैन आश्रम में दिए सन्देश में सतर्क किया कि वृक्षों को लगाओ, नदियों को साफ रखो, भविष्य में इनसे जीवनदान का आधार मिलेगा। शहर के पानी का कोई भरोसा नहीं। बिजली चली जाए तो देश की अर्थव्यवस्था चरमरा जायेगी। यदि बिजली अभी बंद हो जाए, पूरे देश में समझो सारी व्यवस्था खत्म हो जाए। आप भागोगे पेड़ों के नीचे, जिनको लगाने के बजाय अभी काट दे रहे हो, उसी पेड़ की जरूरत आपको पड़ने लगेगी। एसी, पंखा नहीं चलेगा तो उसी पेड़ के नीचे बैठकर आराम तो कर लोगे। जंगलों को काटना ठीक नहीं बल्कि वृक्षों को लगाना है। 


*सितम्बर 2021 में गुजरात में भी किया था सचेत*


महाराज जी ने 24 सितंबर 2021 को वलसाड़ (गुजरात ) में दिए सन्देश में फिर चेताया कि लोग कुदरत के नियम के खिलाफ बहुत काम कर रहे हैं। बिजली अगर तीन दिन के लिए फेल हो जाए तो इधर पहाड़ों-गांव की तरफ लोग शहरों से दौड़ पड़ेंगे कि चलो राहत की सांस ले कहीं, पानी मिल जाए, (साफ) हवा मिल जाए। 


*संकट में रक्षक जयगुरुदेव नाम और नामध्वनी के बारे में सबको बताओ* 


समाधान के बारे में बताते हुए महाराज जी ने कहा कि जयगुरुदेव नाम की ध्वनि के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को बताओ। अभी तो देश में हल-चल, भगदड़ मची हुई है। सब जयगुरुदेव बोलते हुए ही आवे-जावें। जहां कहीं भी आप किसी को पानी पिलाते हो, रोटी खिलाते हो वहां भी जय गुरु देव नाम की ध्वनि बुलवाते रहो। रटा दो इनको जय गुरु देव नाम की ध्वनि और जय गुरु देव नाम इनको याद करा दो, यह भी लोगों की तकलीफों में आराम देगा। परीक्षा लेकर देख लो।