बुलडोजर बाबा का फेल हो रहा है फरमान कमीशन के चलते संचालक अपने पूरे कर रहा है अरमान

 बुलडोजर बाबा का फेल हो रहा है फरमान कमीशन के चलते संचालक अपने पूरे कर रहा है अरमान



अवैध कमाई से मालामाल होने के लिए संचालक ने कानपुर के एक ठेकेदार को सौंप दी है जिम्मेदारी


संचालक के निर्देश पर कक्कड़ स्टेशनरी ने अभिभावकों की जेब में डकैती डालने का ले रखा है जिम्मा


संचालक के निर्देश पर कक्कड़ स्टेशनरी ने अभिभावकों की जेब में डकैती डालने का ले रखा है जिम्मा


छोटी सी स्टेशनरी की दुकान का संचालक अल्प समय में कैसे बन गया है कुबेर पति - दीपक 


बुलडोजर बाबा का फेल हो रहा है फरमान कमीशन के चलते संचालक अपने पूरे कर रहा है अरमान


अवैध कमाई से मालामाल होने के लिए संचालक ने कानपुर के एक ठेकेदार को सौंप दी है जिम्मेदारी


संचालक के निर्देश पर कक्कड़ स्टेशनरी ने अभिभावकों की जेब में डकैती डालने का ले रखा है जिम्मा


संचालक के निर्देश पर कक्कड़ स्टेशनरी ने अभिभावकों की जेब में डकैती डालने का ले रखा है जिम्मा


छोटी सी स्टेशनरी की दुकान का संचालक अल्प समय में कैसे बन गया है कुबेर पति - दीपक


फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं बुलडोजर बाबा योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शिक्षा की व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए कहा था कि यदि प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में संचालकों द्वारा अभिभावकों की जेब में डकैती डालने का काम किया जाएगा तो संबंधित स्कूल के संचालकों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी और यदि मनमानी करने से बाज नहीं आए तो जेल की सलाखों के पीछे भेजने का भी काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री के बड़े फरमान का समूचे प्रदेश में भले ही पालन होता नजर आ रहा हो किंतु इस जनपद के चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल के संचालक ने सारी सीमाओं को लांघ कर जीटी रोड में स्थित कक्कड़ स्टेशनरी के माध्यम से अभिभावकों को लूटने का काम कर रहा है। महात्मा गांधी महाविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं अभिभावक संघ के अध्यक्ष दीपक कुमार डब्लू ने बताया कि चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल में अभिभावकों की जेब में डकैती डालने की कोई नई प्रथा नहीं है बल्कि यह बहुत पुरानी प्रथा है। उन्होंने बताया कि सीपीएस स्कूल के संचालक सुनील श्रीवास्तव की शहर के पीलू तले मोहल्ले में एक छोटी सी स्टेशनरी की दुकान थी और वह पुरानी स्कूटर से विकास भवन में स्टेशनरी की सप्लाई करते थे। इतने अल्प समय में आखिरकार कैसे कुबेर पति बन गए हैं। अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत कई बिंदुओं पर चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल के संचालक और जिला विद्यालय निरीक्षक से जानकारी मांगी थी किंतु उनको आज तक ना तो विद्यालय के संचालक ने और ना ही जिला विद्यालय निरीक्षक ने जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। उन्होंने कहा कि स्कूल के संचालक और जिला विद्यालय निरीक्षक को जानकारी ना देने के मामले पर कोर्ट में याचिका दायर करेंगे और कोर्ट के माध्यम से मांगी गई जानकारी का विवरण प्राप्त करेंगे। अभिभावकों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि उनके मोबाइल फोन में स्कूल के संचालक के द्वारा कानपुर के एक ठेकेदार को ठेकेदारी की दी गई प्रथा को कक्कड़ स्टेशनरी के द्वारा बस्ता बंधवाने के नाम पर यह कहते हुए मैसेज भेजा जाता है कि यदि इस बात को उजागर किया गया तो बच्चे अथवा बच्चियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने बताया कि सीपीएस के संचालक सुनील श्रीवास्तव ने अपने ही स्कूल के गेट के बगल में अपने एक चहेते कानपुर के ठेकेदार को बेशकीमती दामों पर बस्ता बंधवाने के लिए बैठा रखा था और अब वह ठेकेदार ने अपना तथा विद्यालय के संचालक का कमीशन जोड़कर कक्कड़ स्टेशनरी को बस्ता बनवाने की जिम्मेदारी सौंप दी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं बुलडोजर बाबा सीपीएस स्कूल के खिलाफ बारीकी से जांच करा लें तो भ्रष्टाचार का महाजिन्न निकल कर सामने आ जाएगा।


फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं बुलडोजर बाबा योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शिक्षा की व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए कहा था कि यदि प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में संचालकों द्वारा अभिभावकों की जेब में डकैती डालने का काम किया जाएगा तो संबंधित स्कूल के संचालकों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी और यदि मनमानी करने से बाज नहीं आए तो जेल की सलाखों के पीछे भेजने का भी काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री के बड़े फरमान का समूचे प्रदेश में भले ही पालन होता नजर आ रहा हो किंतु इस जनपद के चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल के संचालक ने सारी सीमाओं को लांघ कर जीटी रोड में स्थित कक्कड़ स्टेशनरी के माध्यम से अभिभावकों को लूटने का काम कर रहा है। महात्मा गांधी महाविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं अभिभावक संघ के अध्यक्ष दीपक कुमार डब्लू ने बताया कि चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल में अभिभावकों की जेब में डकैती डालने की कोई नई प्रथा नहीं है बल्कि यह बहुत पुरानी प्रथा है। उन्होंने बताया कि सीपीएस स्कूल के संचालक सुनील श्रीवास्तव की शहर के पीलू तले मोहल्ले में एक छोटी सी स्टेशनरी की दुकान थी और वह पुरानी स्कूटर से विकास भवन में स्टेशनरी की सप्लाई करते थे। इतने अल्प समय में आखिरकार कैसे कुबेर पति बन गए हैं। अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत कई बिंदुओं पर चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल के संचालक और जिला विद्यालय निरीक्षक से जानकारी मांगी थी किंतु उनको आज तक ना तो विद्यालय के संचालक ने और ना ही जिला विद्यालय निरीक्षक ने जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। उन्होंने कहा कि स्कूल के संचालक और जिला विद्यालय निरीक्षक को जानकारी ना देने के मामले पर कोर्ट में याचिका दायर करेंगे और कोर्ट के माध्यम से मांगी गई जानकारी का विवरण प्राप्त करेंगे। अभिभावकों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि उनके मोबाइल फोन में स्कूल के संचालक के द्वारा कानपुर के एक ठेकेदार को ठेकेदारी की दी गई प्रथा को कक्कड़ स्टेशनरी के द्वारा बस्ता बंधवाने के नाम पर यह कहते हुए मैसेज भेजा जाता है कि यदि इस बात को उजागर किया गया तो बच्चे अथवा बच्चियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने बताया कि सीपीएस के संचालक सुनील श्रीवास्तव ने अपने ही स्कूल के गेट के बगल में अपने एक चहेते कानपुर के ठेकेदार को बेशकीमती दामों पर बस्ता बंधवाने के लिए बैठा रखा था और अब वह ठेकेदार ने अपना तथा विद्यालय के संचालक का कमीशन जोड़कर कक्कड़ स्टेशनरी को बस्ता बनवाने की जिम्मेदारी सौंप दी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं बुलडोजर बाबा सीपीएस स्कूल के खिलाफ बारीकी से जांच करा लें तो भ्रष्टाचार का महाजिन्न निकल कर सामने आ जाएगा।