कृष्ण सुदामा चरित्र सुन श्रोता भाव विभोर

 कृष्ण सुदामा चरित्र सुन श्रोता भाव विभोर 




भजन कीर्तन में झूमें श्रोता 


 फतेहपुर जनपद के शिवपुरम कालोनी में चल रही सात दिवसीय  श्री मद्भागवत कथा के सातवें दिन मध्यप्रदेश रतलाम निवासी आत्मानंद सरस्वती महराज नें कृष्ण, सुदामा, राधा,रुक्मणी, चरित्र पर प्रकाश डाल समाज को दिया संदेश

कृष्ण प्रेम में राधा द्वारा गर्म दूध के पश्चात कृष्ण के पैर में छाले देख रुक्मिणी भाव बदल गए ।

 प्रेम निश्छल  हो चाहिए।

राधा राधा नाम के जाप मात्र से कष्टों का निवारण हो जाता है।

संत का उपहास नहीं करना चाहिए संत के मन में ईश्वर का अंश विद्ममान होते हैं।

कथा व्यास के दौरान भजन कीर्तन पर झूमे श्रोता।


इस मौके पर वरदानी बाबू मिश्रा, रवी मिश्रा, रामकृपाल सिंह,कमलेश मिश्रा, कोटेश्वर शुक्ल,सुखराज सहित एक सैकडा से अधिक श्रोता रहे मौजूद।