भिटौरा ब्लाक के कई गांव में घोटाले से जिला प्रशासन अनभिज्ञ

 भिटौरा ब्लाक के कई गांव में घोटाले से जिला प्रशासन अनभिज्ञ



हुसैनगंज( फतेहपुर) ।जनपद में जो घोटाला सामने आया है वह भिटौरा ब्लाक से शुरू हुआ है आपको बता दें कि घोटाले का गढ़ भिटौरा ब्लाक है, जनपद में कई ब्लॉक हैं लेकिन जो घोटाला की शुरुआत भिटौरा ब्लाक से ही होती है यहां सीमेंट बेंच का घोटाला ही नहीं कई अन्य घोटाले भी हैं, जो हम आपको आगे बताएंगे!भिटौरा ब्लाक रायबरेली जनपद से सटा होने के कारण यहां लालगंज एरिया में काफी संख्या में सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट,ह्युम पाइप, कूड़ादान, कूड़ा रिक्शा, कूड़ा ठेलिया, के सप्लायर आते रहते हैं, इसके अलावा फतेहपुर जनपद में भी हुसैनगंज,मवई व फतेहपुर शहर के कई सप्लायर हैं, जिन की निगाह भिटौरा ब्लाक में लगी रहती है, यहां आप कभी भी देख सकते हैं कि सप्लायर ब्लॉक परिसर में डटे रहते हैं! जो भी सप्लायर हैं वह सीधे ग्राम पंचायत अधिकारियों से संपर्क बनाते हैं और फिर उन्हीं से खेल शुरू करते हैं! मामला कमीशन बाजी का पटने के बाद फिर माल की सप्लाई होती है, और बिल वाउचर फटाफट लेकर उनका भुगतान भी कर दिया जाता है! यहां पर भिटौरा ब्लॉक क्षेत्र में काफी संख्या में ऐसे प्रधान हैं जिनको कुछ मालूम ही नहीं चलता वह दबी जुबान बताते हैं कि हमें कुछ पता ही नहीं कितनी समय सामान आ गया और कहां से आया इसका भुगतान भी ग्राम पंचायत अधिकारी कर देते हैं, क्योंकि अधिकतर प्रधानों के डोंगल सिकेट्री अपने पास ही रखें रहते हैं! अपने ही मन मर्जी चलाते हैं अगर कुछ प्रधान न नुकुर करता है तो उसे धमकाते भी हैं!

इस तरह से यहां भिटौरा ब्लाक के ग्राम पंचायत अधिकारी शासन के मंशा अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं सरकारी धन का दुरुपयोग कर अपनी जेब भर रहे हैं! आपको बता दें कि सीमेंट बेंच सप्लाई का लालगंज एरिया  है, वहां काफी संख्या में लोग सीमेंट बेंच, ह्यूम पाइप वगैरह बना कर सप्लाई करते हैं! वास्तविकता में सीमेंट बेंच को पहुंचाकर कीमत 3000 से लेकर 3500 रुपए है! लेकिन इसका भुगतान ₹7500 किया गया! जब भिटौरा ब्लाक में सीमेंट बेंच घोटाले का मामला सामने आया तो सिर्फ 2 ग्राम पंचायतों में ही जांच कराई गई बाकी में ग्राम पंचायत अधिकारियों ने आनन-फानन पर्दा डाल दिया! सूत्र बताते हैं  कि कई ग्राम पंचायतों में जब जांच की आंच का दायरा बढ़ने लगा तो ग्राम पंचायत अधिकारियों ने जो घोटाला किया था उस पर पर्दा डालने के लिए आनन फानन बिल बाउचर बदल दिए, और जहां कम सीमेंट की बेंच आई थी उन्हें फटाफट मंगा कर रख दिया गया! पहले तो ₹7500 की बिलिंग की गई थी! इसके बाद जब जांच की आंच ज्यादा उठने लगी तो इन सचिवों ने बड़ा खेल कर दिया!सचिवों ने आनन फानन बिल वाउचर को जो पहले ₹7500  का लगा था उसे बदल कर 4500 का बिल बाउचर बना दिया गया, और जो सीमेंट की बेंच कम मंगाई गई थी उन्हें भी फटाफट मंगाकर रखवा दी गई, कि कहीं फसने का चांस न रहे! यहां भिटौरा ब्लाक में यही बेंच घोटाला नहीं है, इसमें हम आगे आपको और घोटाले बताएंगे कितने घोटाले हुए हैं!

पिछले पंचवर्षीय योजना में वर्ष 2017-18-और 19 में भिटौरा ब्लाक में कूड़ा दान,स्ट्रीट लाइट और सोलर लाइट की खरीद में करीब 7 करोड़ का घोटाला हुआ! लेकिन मामला दबा रहा,पिछले पंचवर्षीय योजना में भिटौरा ब्लाक में सप्लायरों ने खूब सोलर लाइटें लगाई, जिसकी भुक्तान ₹22000 का किया गया था! इसमें 9 से ₹10000 ग्राम पंचायत अधिकारियों व प्रधानों का कमीशन भी दिया जाता था, जब मामला शासन तक पहुंचा तो घोटाले की पोल खुली, शासन ने सोलर लाइट लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था, और एक आदेश जारी कर कहा गया था कि नेडा की सोलर लाइटें लगाई जाएंगी,लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारियों ने सोलर लाइट लगाने पर ब्रेक लगा दिया था! वह इसलिए था कि नेडा की सोलर लाइटों में कमीशन नहीं बन पाएगा, इसलिए ग्राम पंचायतों में सोलर लाइटें लगना बंद हो गई थी!अगर जिला स्तर के उच्च अधिकारी भिटौरा ब्लाक में जांच अच्छी तरह से करें तो यहां कई और घोटाले अभी सामने आएंगे।