लखनऊ ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम बिजली महोत्सव और ऊर्जा दिवस कार्यक्रम में जनपद फतेहपुर के विकास खंड मलवां में 400NBA क्षमता 200 KV का लोकर्पण सम्मिलित रहा

 लखनऊ ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम बिजली महोत्सव और ऊर्जा दिवस कार्यक्रम में जनपद फतेहपुर के विकास खंड मलवां में 400NBA क्षमता 200 KV का लोकर्पण सम्मिलित रहा



फतेहपुर।बिजली महोत्सव और ऊर्जा दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उ0प्र0 योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन ऑडिटोरियम लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 75 जनपदों में ₹2,723.20 करोड़ की लागत से निर्मित 17 नग 400/220/132/33 के.बी. पारेषण/वितरण उपकेंद्रों का लोकार्पण व शिलान्यास किया  । जिसमे *जनपद फतेहपुर के विकास खंड मलवां में 400NBA क्षमता 200 KV का लोकर्पण सम्मिलित रहा,* का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी फतेहपुर में मुख्य विकास अधिकारी सत्य प्रकाश, अपर जिलाधिकारी न्यायिक धीरेन्द्र प्रताप, अधीक्षण अभियंता, अधीक्षण अभियंता वितरण खंड, अधिशाषी अभियंता ट्रांसमिशन आदि की उपस्थिति में देखा व सुना गया।मुख्यमंत्री उ0प्र0 ने कहा कि नवलोकर्पित पारेषण/वितरण उपकेंद्रों से जनता को सीधा लाभ होगा। उज्ज्वल भारत के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए आज प्रधानमंत्री द्वारा आजादी के अमृत काल के लिए ऊर्जा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने हेतु मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।  प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में बीते 05 वर्ष में उत्तर प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। आजादी के बाद 01 लाख 21 हजार गांव/मजरों तक कभी बिजली नहीं पहुंची। आज इन गांव/मजरों में बिजली है। सौभाग्य योजना के माध्यम से हमने 1.43 करोड़ परिवारों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन देते हुए हर घर बिजली से रोशन करने का काम किया है। लोकतंत्र में भेदभाव नहीं होता। सबका एक समान अधिकार होता है। लेकिन इसी प्रदेश में पहले 04 जिलों में बिजली आती थी, बाकी 71 जिले का अंधेरे में डूबे रहते थे। आज तो हर गांव, हर जनपद वीआईपी है। लोकतंत्र की सुंदरता इसी में है कि हर जरूरतमंद को उसकी अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधा मिल सके। हमें खुशी है कि हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।  आज सभी जिला मुख्यालयों पर 23-24 घंटे बिजली मिल रही है तो तहसील मुख्यालयों पर 20-22 घंटे और गांवों में 18-20 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। जब हमने यह लक्ष्य रखा था तो कुछ लोग कहते थे, कि क्या यह उत्तर प्रदेश में संभव है!! लेकिन हमने यह सम्भव करके दिखाया है। जो कुछ बचे हुए मजरे/गांव हैं, वहां बिजली पहुँचाने का काम तेजी से हो रहा है। हर घर तक बिजली आपूर्ति हो रही है। विद्युत विभाग/पॉवर कॉरपरेशन के सामने एक बड़ी चुनौती है, विद्युत बिलिंग और कलेक्शन एफिशिएंसी को बढ़ाना। इस दिशा में काम किया जा रहा है। बिजली उत्पादन में प्रदेश आत्मनिर्भरता को प्राप्त करे, इस बड़े लक्ष्य के लिए हमने कार्ययोजना बनाई है। मुझे पूरा विश्वास है कि हम इस लक्ष्य में भी जल्द ही सफल होंगे।