राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम/राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल संचालन हेतु अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

 राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम/राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल संचालन हेतु अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न



फतेहपुर।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम/राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल संचालन हेतु विकास भवन सभागार में अपर जिलाधिकारी(वित्त/राजस्व) विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 20 जुलाई 2022 को मनाया जाएगा, जिसमे 01 से 19 वर्ष आयु के सभी बच्चों को कृमि नियंत्रण के लिए एल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी, इसके लिए नामित विभाग आपस मे समन्वय बनाकर बच्चों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शत प्रतिशत दवा खिलायी जाए । आंगनबाड़ी में पंजीकृत बच्चों को दवा खिलाये जिसमे 01-02 वर्ष आयु के बच्चों को आधी गोली घोलकर पिलाये, 03 वर्ष के बच्चे को 01 गोली पीसकर पिलाये एवं 03 वर्ष से अधिक के बच्चों को एक गोली चबाकर खिलाना है । स्कूली बच्चों को विद्यालय में अपने सामने ही गोली खिलायी जाए किसी को घर ले जाने के लिए नही दी जाए और बुखार होने की दशा में दवा न दी जाए और खाना खाने के उपरांत 01 घंटे बाद दवा दी जाए । कृमि संक्रमण से बच्चों में कुपोषण और खून की कमी के कारण थकावट बनी रहती है, जिससे संम्पूर्ण शरीर व दिमाग  का विकास नही हो पाता है । कृमि संक्रमण की रोकथाम के लिए खुले में शौंच न जाये शौचालय का प्रयोग करे, विशेषकर खाना खाने से पहले व शौच जाने के बाद साबुन से हाथों को धोएं ,अपने आस पास साफ सफाई का ध्यान रखे हमेशा साफ पानी पिये, घर से बाहर निकलते समय चप्पल व जूते पहनकर निकले । 20 जुलाई 2022 को दवा खाने से छूटे बच्चों को माप-अप दिवस 25 से 27 जुलाई 2022 के बीच आंगनबाड़ी/स्कूल के माध्यम से दवा खिलायी जाएगी । आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूल में साफ सुथरा पानी, साफ सुथरा चम्मच से दवा अपने सामने दी जाए । आंगनबाड़ी, आशा, ऐनम के माध्यम से अभिभावकों को कृमि रोग के बारे में बताए । इसके रोकने के उपाय के बारे में भी जागरूक किया जाए। 

 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्म से 18 वर्ष के बच्चों में जिसमे 04 प्रकार के विकार दिखाई देते है जन्म से विकृत दोष, पौष्टिकता का अभाव रोग, विकास संम्बंधी विलंब, जन्म से 18 वर्ष आयु के बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी 30 अवस्थाओं की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच हेतु उपचार कार्ययोजना बनाकर आरबीएसके टीम द्वारा गंभीर लक्षण वाले बच्चों को नियमानुसार कार्यवाही करके उच्च स्तर पर रिफर किया जाए ताकि समय से जांच कर स्वास्थ्य लाभ दिया जा सके ।

इस अवसर पर मुख्यचिकित्साधिकारी, डीपीआरओ, डीपीओ, सीडीपीओ सहित सम्बन्धित उपस्थित रहे ।