लापरवाही की हद वीडियो वायरल होने के बाद भी कार्यवाही शून्य

 लापरवाही की हद वीडियो वायरल होने के बाद भी कार्यवाही शून्य



जिला अस्पताल में महिला सर्जन द्वारा अपने दो निजी सहायकों के साथ ऑपरेशन करने का वीडियो सोशल मीडिया में हुआ था वायरल


जान - जाए तो जाए! मेरा क्या जाता है की तर्ज पर हुआ ऑपरेशन


लगातार दो दिनों तक वीडियो वायरल होने के बावजूद जनपद प्रशासन के कानों पर नहीं रेंगी जू


फतेहपुर।प्रदेश में भले ही योगी 2.O के सरकार लागू हो गई हो! और भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध बड़ी-बड़ी बातें और दावे किए गए हो। परंतु जमीनी हकीकत तो महज हवा हवाई साबित हो रही है। जनपद के जिला अस्पताल में एक महिला सर्जन द्वारा अपने दो निजी सहायकों के साथ ऑपरेशन करते हुए वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ ।परंतु जिला प्रशासन धृतराष्ट्र की भूमिका निभाते हुए किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने से कतरा रहा है। यदि किसी की जान चली जाए तो एक दूसरे पर धक्का प्लेट इल्जाम डालने का कार्य भी शुरू हो जाता है। इसी दरमियान जनपद के ही एक निजी नर्सिंग होम में भी एक सरकारी महिला सर्जन द्वारा प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन करने पर एक महिला की जान चली जाती है और थाना से लेकर समस्त शासन प्रशासन की कीमत भी लगा दी जाती है और कार्यवाही होती है शून्य।

बता दे पूरा मामला जनपद फतेहपुर के जिला अस्पताल का जहां ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टर एवं जूनियर डॉक्टर एवं ट्रेनी नर्सों के अलावा अन्य कोई बाहर का व्यक्ति अंदर नहीं जा सकता ऐसी सख्त हिदायतों के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें जनपद की एक महिला सर्जन द्वारा अपने निजी दो अन्य सहयोगियों के साथ ऑपरेशन थिएटर में ऑपरेशन करती नजर आई परंतु इस वीडियो पर वायरल होने पर भी जनपद प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी! आखिर क्या है पूरा मामला? या है चोर चोर मौसेरे भाई।

वहीं दूसरी तरफ जनपद के ही पक्का तालाब स्थित एक निजी अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मृत्यु हो जाने के उपरांत जिला प्रशासन द्वारा संज्ञान में लिया जाना यह बात पूरी तरीके सिद्ध करता है जनपद में जितने भी अवैध अस्पताल संचालित है इनका पूरा श्रेय भी जिला प्रशासन को ही जाता है। अब जब चोर चोर मौसेरे भाई हो गए तो कार्यवाही करें भी तो कौन?