पत्रकारों की समस्याओं को लेकर जनरलिस्ट काउंसिल आफ इंडिया की मीटिंग संपन्न

 पत्रकारों की समस्याओं को लेकर जनरलिस्ट काउंसिल आफ इंडिया की मीटिंग संपन्न



जहानाबाद (फतेहपुर)। देश में पत्रकारों के ऊपर बढ़ते अपराधों को लेकर जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की एक सभा फतेहपुर के मशहूर गेस्ट हाउस व्योम रिसॉर्ट में संपन्न हुई जिसमें करीब दो दर्जन से अधिक पत्रकार सम्मिलित हुए सभी लोगों ने पत्रकारों के ऊपर बढ़ते उत्पीड़न और फर्जी मुकदमों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की इस अवसर पर बोलते हुए संदीप निषाद ने कहा कि पत्रकारों के ऊपर बढ़ते हमले चिंता का विषय हैं। मोहित दुबे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारों के ऊपर फर्जी मुकदमे जायज नहीं हैं। पत्रकार अरुण कुमार ने कहा कि सरकार को चाहिए कि पत्रकारों पर हो रहे उत्पीड़न पर सख्त कदम उठाते हुए दोषियों पर कार्रवाई करे। वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल अहद ने कहा कि वैसे तो देश में तमाम सारे संगठन है जो कि प्रदेश स्तर पर ही कार्य कर रहे हैं कुछ संगठन ऐसे हैं जो राष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रहे हैं परंतु उनकी कार्यशैली इतनी अच्छी नहीं है जितनी की जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की है जर्नलिस्ट काउंसिल आफ इंडिया पत्रकारों के हितों का ध्यान रखते हुए पत्रकारों के लिए बराबर लड़ाई लड़ने का कार्य कर रही है। विशेष बात यह है कि सभी कुछ निशुल्क है इस अवसर पर बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार नागेंद्र पांडे ने कहां कि सरकार को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को सुरक्षित करने के लिए कुछ कारगर कदम उठाने चाहिए नहीं तो पत्रकारों का शोषण यूं ही होता रहेगा। वरिष्ठ पत्रकार अनिल अवस्थी उर्फ राजा अवस्थी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार से पत्रकारों का शोषण होता रहा तो जर्नलिस्ट काउंसिल आफ इंडिया पत्रकारों के हितों को लेकर आंदोलन करेगी सभी के विचार व्यक्त करने के बाद जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सलाहकार समिति के सदस्य डॉ0 आर सी श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें कभी भी एक पक्षीय पत्रकारिता नहीं करनी चाहिए बल्कि दोनों पक्षों का मत जानने के बाद, समस्याओं को जानने के बाद सक्षम अधिकारी से वर्जन लेकर इस प्रकार से समाचार का संपादन करना चाहिये ताकि जो वास्तविकता है वह सामने आ सके क्योंकि पत्रकार का रूप ही आईना होता है हमें किसी भी समाचार में स्वयं पार्टी बनने से बचना चाहिए हमें अपने कार्य पत्रकारिता तक ही सीमित रखने चाहिए किसी एक पक्ष का पैरवी कर के बेमतलब की बुराई भलाई नहीं लेनी चाहिए दूसरी तरफ उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हो रहे हमले फर्जी मुकदमे और पत्रकारों का शोषण पूरी तरीके से गैरकानूनी है इसके लिए सरकार को पत्रकार सुरक्षा कानून लाना चाहिए ताकि पत्रकार बिना किसी दबाव के अपना कार्य कर सकें पत्रकारों को सरकार के द्वारा दी जा रही सभी योजनाओं का फायदा मिलना चाहिए ताकि पत्रकार बिना किसी दबाव के अपना कार्य कर सकें उन्होंने कहा कि हम पत्रकारों की लड़ाई लड़ने के लिए वचनबद्ध है और हमारी यह लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी जब तक पत्रकारों को उनका हक नहीं मिल जाता इस अवसर पर अन्य पत्रकार भाइयों ने भी अपने विचार रखे।

Popular posts
यमुना नदी में नाव पलटने से लगभग 35 लोग डूबे बचाव कार्य जारी
चित्र
नर कंकाल ने खोलें दोहरे हत्या का राज, दो गिरफ्तार
चित्र
मिठाई के साथ डिब्बा तौलने पर देना पड़ेगा पांच हजार जुर्माना
चित्र
अवैध असलहा रखने के दोषी कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को एक साल कैद, जमानत पर रिहा
चित्र
दर्जनों लोगों के बैंक अकाउंट से निकले लाखों रुपए, दर-दर भटक रहे पीड़ित ग्रामीण, जिला अधिकारी से लगाई गुहार
चित्र