खेलकूद का मैदान न होने से पक्की सड़क पर दौड़ने के लिए मजबूर हुए छात्र

 खेलकूद का मैदान न होने से पक्की सड़क पर दौड़ने के लिए मजबूर हुए छात्र



दौड़ते समय एक छात्र सड़क पर गिरा


शिक्षकों तथा छात्रों में नाराजगी का माहौल


बिंदकी फतेहपुर।सरकार विकास के लाख दावे करें लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है जिसका मौजूदा उदाहरण है छात्रों को प्रतियोगिता के दौरान हाईवे की पक्की सड़क पर दौड़ना पड़ा इस दौरान वाहनों का भी आवागमन चालू रहा कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी इससे इनकार नहीं किया जा सकता था इतना ही नहीं अन्य प्रतियोगिताएं खेतों में और प्लाटों में हुई जिसके कारण लोगों में नाराजगी का माहौल रहा।

सरकार तमाम विकास के दावे करती है लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट कुछ और ही बयां करती है खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए एक ओर सरकार खेलकूद के मैदान तथा स्टेडियम तैयार करने का दावा करती है लेकिन नगर और क्षेत्र में कोई ऐसा स्थान नहीं है जिस पर छात्र छात्राएं प्रतियोगिता की तैयारी कर सकें गुरुवार को कुछ ऐसा ही मामला दिखाई पड़ा नगर के दयानंद इंटर कॉलेज के छात्र दौड़ प्रतियोगिता के लिए नगर के कुँवरपुर रोड बाईपास में पहुंचे जहां पर 800 मीटर 600 मीटर तथा 400 मीटर की दौड़ हुई जिसमें जूनियर से लेकर इंटर तक के बच्चों ने प्रतिभाग किया इस बीच छात्रों को बाईपास की पक्की सड़क में दौड़ लगाना पड़ा जिसके चलते एक छात्र सड़क में गिरकर घायल भी हो गया वही जिस समय छात्र दौड़ लगा रहे थे उसमें छोटे और भारी वाहन भी बाईपास की सड़क से निकल रहे थे ऐसे में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी इससे इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन खुशकिस्मती रही कि ऐसा कुछ हुआ नहीं वही पास में ही छात्रों को मजबूर होकर झाड़-फूंस जगे खेतों एवं प्लाटों में गोला फेंक भाला फेंक तथा ऊंची दौड़ करना पड़ा इस मामले में दयानंद इंटर कालेज के शिक्षक आशीष सिंह चौहान ने बताया की खेलकूद का कोई मैदान ना होने कारण मजबूरी में पक्की सड़क में दौड़ प्रतियोगिता करानी पड़ रही है ऐसे में छात्रों को चोट लग जाती है उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र में खेलकूद का मैदान तथा स्टेडियम होने की जरूरत है।

टिप्पणियाँ