प्रधान का मिला साथ, फाइलेरिया रोगियों को जीने की मिली आस

 प्रधान का मिला साथ, फाइलेरिया रोगियों को जीने की मिली आस



तेलियानी ब्लाक के कांधी गांव मे एक दर्जन मरीजों को प्रधान ने दिलाई दवायें


गांव में लोग फाइलेरिया से ग्रसित, गंदगी की वजह से बढ रहे मच्छर


फतेहपुर। अरे चाचा ! राम राम...का हालचाल है, अब फाइलेरिया में आराम है। जी प्रधान जी, पहले से आराम है। कुछ ऐसा ही दृश्य है कांधी गांव का। यहां की प्रधान मैकी देवी या उनके प्रतिनिधि घूम-घूमकर फाइलेरिया मरीजों का हालचाल लेती हैं। प्रधान का मानना है कि लोग स्वस्थ रहें यह भी तो विकास का हिस्सा है।

प्रधान के पुत्र ने अब तक एक दर्जन फाइलेरिया मरीजों को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर अस्पताल तक पहुंचाया। उनकी उनकी जांच कराई और दवा दिलवाई। प्रधान परिवार का कहना है कि इस पुनीत कार्य से न सिर्फ सुकून मिल रहा है बल्कि मरीजों की जिंदगी में जीने की नई आस जग रही है। फाइलेरिया की चपेट में आने के बाद राम प्रसाद, मैकी देवी की जिंदगी में मानों अंधेरा सा छा गया था उन्हें लग रहा था कि अब

बची जिंदगी दूसरों के भरोसे ही काटनी पडेंगी लेकिन प्रधान पुत्र ने सेवाभाव दिखाते हुए उनको जिंदगी की नई आस दिखी।

तेलियानी विकास खंड के कांधी गांव में वर्तमान में 78 लोग फाइलेरिया की चपेट में हैं। इसका एक कारण गंदगी से बजबजाती नालियां भी है। हालांकि इसके लिए प्रधान स्वयं मौके पर पहुंच कर सफाई करा रहे हैं। गांव के लक्ष्मी नारायण फाइलेरिया सहायता समूह कांधी के सदस्य 60 वर्षीय राम प्रसाद जो कि पिछले 18 वर्षों से फाइलेरिया से परेशान हैं। एक दिन प्रधान पुत्र इनके घर पहुंचे और बाइक में बैठाकर स्वास्थ्य

केंद्र ले जाकर जांच और दवा दिलवाई तब से काफी आराम है। राम प्रसाद ने बताया कि पहले जडी बूटी की दवायें की फिर शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में सुई लगवाई लेकिन कुछ खास आराम नहीं मिला। अब दवा खा रहे हैं और मिली एमएमडीपी किट से नियमित सफाई कर रहे तब से बहुत आराम है। इसी प्रकार राधा कृष्ण फाइलेरिया सहायता समूह की सदस्य 17 वर्षीय संगीता परिवर्तित नाम को भी प्रधान जी अस्पताल लेकर गये और फाइलेरिया का इलाज शुरू कराया।

पांच वर्ष से पीडित संगीता का पिछले तीन महीने से इलाज चल रहा है अब वह सामान्य जीवन जी रही है। कांधी गांव की फाइलेरिया रोगी लक्ष्मी नारायण सहायता समूह, राधा कृष्ण फाइलेरिया सहायता समूह के सदस्य फाइलेरिया रोगी कल्ली देवी, चंदावती, रोशनी, कैलाश, हरिओम, राघवेंद्र का भी इलाज चल रहा है। प्रधान पुत्र सरोज ने बताया कि वह घर-घर जाकर फाइलेरिया मरीजों का पता लगाकर उन्हे जांच के लिए अस्पताल ले जाते है। गांव में जलभराव रोकने के लिए पक्के नाला का निर्माण कराया गया है। साथ ही फाइलेरिया मरीजों को आयुष्मान कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र, आवास योजना आदि सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

इनसेट --

कांधी ग्राम सभा में मरीज -

कांधी- 46, मदारीपुर - 10, शिवपुर - 12, छतुआपुर- 10

कांधी गांव में बनाये गये समूह ----


लक्ष्मी नारायण सहायता समूह, राधा कृष्ण फाइलेरिया सहायता समूह, जय मां लक्ष्मी फाइलेरिया सहातया समूह शिवपुर, ब्रम्हदेव फाइलेरिया समूह छतुवापुर

78 में 60 को बांटी जा चुकी एमएमडीपी किट

जिला मलेरिया अधिकारी सुजाता ठाकुर ने कहा कि कांधी गांव में ग्राम प्रधान का कार्य सराहनीय है। उन्होंने अन्य ग्राम प्रधानों से भी फाइलेरिया की रोकथाम के लिए आगे आने की अपील की। बताया कि गांव में 78 मरीजों में 60 मरीजों को एमएमडीपी किट बांटी जा चुकी है। शेष को भी जल्द ही किट का वितरण की जाएगी।

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