बाजार में अतिक्रमण भारी, परेशान हो रही जनता बेचारी

 बाजार में अतिक्रमण भारी, परेशान हो रही जनता बेचारी



दुकानों के बाहर लगभग 8 से 10 फिट तक रोड में बढ़ा अतिक्रमण


बाजार में बढ़े अतिक्रमण के कारण लगता है जाम, लोगों को करना पड़ता है भारी दिक्कत का सामना,



बांदा - शहर के मुख्य बाजारों व सड़कों पर दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। जिससे बाजार में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अतिक्रमण के चलते मार्ग इतना संकरा हो गया है कि आमने-सामने से दुपहिया वाहन भी आसानी से नहीं निकल पाते हैं। एक भी अगर बड़ा वाहन गलती से बाजार के अंदर घुस गया तो घंटों के लिए जाम लग जाता है जिला प्रशासन के द्वारा कुछ महीनों पहले बाजार से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था लेकिन पुनः प्रशासन की अनदेखी की वजह से बाजार में पूरी तरह से फिर से पहले वाली स्थिति में अतिक्रमण बढ़ गया है। जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।

 शहर के बाजारों में फिर से अतिक्रमण से लगने लगा जाम हो रही जनता को परेशानियाँ | कुछ समय पहले ही चलाया गया था अवैध अतिक्रमण पर अभियान लेकिन हालत एक बार फिर बद से बद्दतर हो गयी है | वहीँ शहर के प्रमुख मार्गों में जहा और फुटपाथ बने थे आज अतिक्रमण के कारण नजर नहीं आ रहे है वही बाजार के मुख्य मार्गों जहा दुकान वाले अतिक्रमण किए है वही इ रिक्शाव वाले कोई कसर नहीं छोड़ते है | जिला प्रशासन ने शहर वासियों को चौक बाजार में रोज के जाम से निजात दिलाने का प्रयास किया था, लेकिन व्यापारियों ने इसे लागू नहीं होने दिया था। ऐसे में आज भी चौकबाजार में सुबह से रात तक जाम में फंसकर लोग परेशान होते हैं। मुख्य बाजार में भी पहले नालियों के ऊपर फुटपाथ हुआ करते थे, जो अब कहीं भी दिखाई नहीं देते। दुकानदारों ने फुटपाथ को दुकानों के अंदर लेकर उन्हें चौतरों को रूप दे दिया है। यह सब प्रशासन की सुस्ती की वजह से हुआ है। बाजार में कई बार दो पहिया वाहन लेकर चलना भी लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। यहां तो पैदल चलने वाले लोगों का भी जाम लग जाता है।

शहर के बाजारों में अतिक्रमण फिर से हर व्यक्ति के लिए समस्या बन गया है। यह स्थिति अधिकारियों के संज्ञान में भी है, लेकिन अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन अभी कोई अभियान चलाने के मूड में नजर नहीं आ रहा। पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट केशवनाथ और सीओ राकेश कुमार द्वारा शाशनादेश आदेश पर पूरे शहर में युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर शहर के बाजार और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। अनलॉक होने पर फिर से बाजार कब्जे में आने लगे। शहर के मुख्य बाजारों में अब अतिक्रमणकारियों का बोलबाला है। सड़क किनारे जगह-जगह दुकान और फुटपाथी दुकानदारों ने कब्जा जमा लिया है, जिससे सड़क छोटी हो गई है। इससे आए दिन सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। बाजार के अधिकतर दुकानदार अपनी दुकान की सीमा से बाहर भी सामान रखे रहते हैं, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। इससे सड़कों पर पैदल चलने वाले फुटपाथ पर पैर रखने की जगह नहीं बची है।

वही जब हमने इस संबंध में सीओ सिटी अंबुजा त्रिवेदी से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि आज से यातायात माह की शुरुआत हुई है जल्द ही हम अतिक्रमण मुक्त बांदा करने के लिए स्थान चिन्हित कर रहे है जिससे जल्द से जल्द जाम जैसी समस्याओं से जनता को निजात दिलाई जा सकेगी।।

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