शबाना और सोहद्रा का हुआ फ्री अल्ट्रासाउंड, खिले चेहरे

 शबाना और सोहद्रा का हुआ फ्री अल्ट्रासाउंड, खिले चेहरे



- स्वास्थ्य विभाग गर्भवती को देगा ई- रूपे बाउचर कोड, जिसके माध्यम से होगा भुगतान


- सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती के लिए अल्ट्रासाउंड की नई व्यवस्था 


- जनपद के दो निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र इस अभियान में अभी तक शामिल


फतेहपुर। जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने वाली गर्भवती के अल्ट्रासाउंड जांच के लिए दो सेंटर अनुबंधित किये गए हैं। इसके लिए गर्भवती को केंद्र संचालक को ई-रूपे का बारकोड दिखाना होगा। जो जनपद मुख्यालय से हर पात्र महिला को दिया जा रहा है। जिसे स्कैन करते ही जांच का पैसा सीधे केंद्र संचालक के खाते में पहुंच जाएगा। यह कहना है मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुनील भारतीय का। उन्होंने बताया कि हमारा उद्देश्य जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती को सभी सेवाएं मुफ्त मुहैया कराना है। 


            आरसीएच नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. इश्तियाक अहमद ने बताया कि प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत अभी जिले के दो खागा और बिंदकी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर गर्भवती की मुफ्त जांच हो रही है। गर्भवती की सुविधा के लिए जल्द ही जिले के और प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटरों को इसमें शामिल किया जाएगा। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत गर्भवती को सभी सेवाएं मुफ्त दी जाती हैं। प्रत्येक माह की नौ तारीख को जनपद के सभी स्वास्थ्य इकाई व 24 तारीख को जनपद के सभी चार  प्रथम संदर्भन इकाई (फर्स्ट रेफरल यूनिट ) इकाइयों में प्रधानमंत्री - सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाता है। जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ अथवा एम.बी.बी.एस चिकित्सक गर्भवती की समस्त प्रसवपूर्व जांच कर उनका उपचार करती हैं। गर्भवती को जरूरत के अनुसार खून की जांच व अल्ट्रासाउंड भी लिखा जाता है। अस्पतालों में मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने के कारण इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक नई व्यवस्था शुरू की गयी हैं जिसके अंतर्गत मुफ्त जांच के प्रावधान हैं और इसके लिए स्वास्थ्य महकमे ने खागा और बिंदकी में कुल दो निजी केंद्र अनुबंधित किए हैं। इन केंद्रों पर गर्भवती की मुफ्त अल्ट्रासाउंड जांच होती है। डिस्ट्रिक्ट मैटरनल हेल्थ कंसल्टेंट आलोक कुमार बताते हैं कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर उन गर्भवती का नाम, पता व मोबाइल नंबर जिले पर उपलब्ध कराएंगे, जिन्हें अल्ट्रासाउंड जांच लिखी गई है। इसके बाद जिला स्तर पर बनाकर ई-रुपे बाउचर बनाकर लाभार्थियों के मोबाइल पर भेज दिया जाएगा। ये बारकोड एक महीने तक मान्य रहेगा। बताया कि नौ फरवरी और 24 फरवरी को संपन्न हुए सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिन 20 बाउचर को रिडीम कर महिलाओं ने सुविधा ली हैं।


 


बोले लाभार्थी ---


- खागा की रहने वाली शबाना का नौ माह में अल्ट्रासाउंड कराया गया। उन्होंने बताया कि अब संस्थागत सुरक्षित प्रसव भी हो गया है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ है। बताया कि सरकार की फ्री अल्ट्रासाउंड सुविधा से गरीबों को बहुत लाभ मिलेगा।


- बिंदकी की रहने वाली सोहद्रा ने बताया कि वह सात महीने की गर्भवती हैं। बिंदकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी तो स्वास्थ्य केंद्र की ओर से मिले ई-रूपे बाउचर से मुफत अल्ट्रासाउंड कराया।

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