धूमधाम से मनाया गया गुरुनानक देव जी का 554 वा प्रकाश पर्व

 धूमधाम से मनाया गया गुरुनानक देव जी का 554 वा प्रकाश पर्व



फतेहपुर।ज्ञानी गुरुवचन सिंह जी ने बताया प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा को जगत गुरु गुरुनानक देव जी का प्रकाश उत्सव मनाया जाता है । गुरुनानक देव जी का अवतरण संवत 1469 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन माता तृप्ता देवी जी पिता मेहता कालू जी के घर ननकाना साहिब में हुआ ,गुरुनानक देव जी की महानता के दर्शन बचपन से दिखने लगें, गुरुनानक देव जी ने 11 साल की उम्र जनेऊ धारण करवाने की रीत का पालन किया जा रहा था उसका विरोध किया और कहा , पंडित जी *जनेऊ पहनने से हम लोगो का दूसरा जन्म होता है जिसको आप आध्यात्मिक जन्म कहते है तो जनेऊ भी किसी और किस्म का होना चाहिए ,जो आत्मा को बांध सके ,आप जो जनेऊ दे रहे है वो कपास के धागे का है जो कि मैला हो जाएगा, टूट जाएगा, मरते समय शरीर के साथ चिता में जल जाएगा , उन्होंने पंडित जी से कहा कि फिर जनेऊ आत्मिक जन्म के लिए कैसे हुआ, फिर उन्होंने जनेऊ धारण नही किया ,

अंतर मैल जे तीर्थ नावे, तिसु बैकुंठ न जाना लोग पतीने कछु न होई नाही राम अजाना अर्थात सिर्फ जल से शरीर धोने से मन साफ नही हो सकता ,तीर्थ यात्रा की महानता  चाहे कितनी भी क्यों न बताई जाए तीर्थ यात्रा सफल हुई है या नही ,इसका निर्णय कही जाकर नही होगा ,इसके लिए हर एक मनुष्य को अपने अंदर झांककर देखना होगा कि तीर्थ के जल से शरीर डोनर के बाद भी मन मे निंदा, ईर्ष्या,धन -लालसा, काम,क्रोध कितने कम हुए। कुछ लोगो ने गुरु नानक देव जी से पूछा आप बताए ,आपके मत अनुसार हिन्दू बड़ा या मुसलमान ,इस पर गुरु नानक देव जी ने कहा अव्वल अल्लाह नूर उपाइया कुदरत के सब बंदे, एक नूर ते सब जग उपजया को भले को मंदे अर्थात सब बंदे ईश्वर के पैदा किये हुए है न तो हिन्दू कहलाने वाला रब की निगाह में कबुल है और न ही मुसलमान कहलाने वाला ,रब की निगाह में वही बंदा ऊँचा है जिसका अमल नेक हो, जिसका आचरण सच्चा हो । गुरुद्वारा के प्रकाश पर्व में हो रहे सभी कार्यक्रम गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अगुवाई में मनाये गए इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रधान चरनजीत सिंह, जे पी सिंह, परमजीत सिंह, नरिंदर सिंह, संतोष सिंह, जसवीर सिंह,लाभ सिंह,सुरिंदर सिंह, वरिंदर सिंह,गुरमीत सिंह,गोबिंद सिंह, सतपाल सिंह,कुलजीत सिंह, सिमरन प्रीत महिलाओं में हरजीत कौर, मंजीत कौर, हरविंदर कौर, जसवीर कौर,ईशर कौर , खुशी, वरिंदर ,सिल्की अन्य सयुक्त रूप से संगत उपस्थित रही।

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