मुख्यमंत्री योगी ने प्याज भंडारण की सीमा तय करने के दिए निर्देश, जल्द जारी होगी अधिसूचना

  1. मुख्यमंत्री योगी ने प्याज भंडारण की सीमा तय करने के दिए निर्देश, जल्द जारी होगी अधिसूचना


(न्यूज़)।उत्तर प्रदेश में वाजिब दाम पर प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमाखोरी पर सख्ती के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्याज की स्टॉक लिमिट तय करने के निर्देश दिए हैं।प्रदेश सरकार जल्द ही इस संबंध में अधिसूचना जारी करेगी।इसके मुताबिक खुदरा व्यापारी दो मीट्रिक टन तक और थोक व्यापारी अधिकतम 25 मीट्रिक टन तक प्याज ही स्टोर कर रख सकेंगे।यह सीमा दिसंबर अंत तक लागू रहेगी।मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।इससे पहले 23 अक्तूबर को केंद्र सरकार ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी की थी।स्टॉक लिमिट लागू करने से पहले व्यापारियों को तीन दिन का समय दिया जाएगा।व्यापारियों को छंटाई और पैकिंग का काम तीन दिन में पूरा कर लेना होगा।उसके बाद स्टॉक की सीमा लागू होगी। प्रदेश के कुछ जिलों में प्याज की कीमतों में अचानक आई तेजी को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।


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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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