श्रीराम मंदिर निर्माण पर बड़ी घोषणा,मकर संक्रांति सेेे विश्व का सबसे बड़ा प्रचार अभियान चलाएगी ट्रस्ट

 श्रीराम मंदिर निर्माण पर बड़ी घोषणा,मकर संक्रांति सेेे विश्व का सबसे बड़ा प्रचार अभियान चलाएगी ट्रस्ट



(न्यूज़)।अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए विश्व का सबसे बड़ा संपर्क अभियान मकर संक्रांति (15 जनवरी) से आरंभ होकर माघ पूर्णिमा तक चलेगा। इसमें 12 करोड परिवारों से संपर्क कर आर्थिक सहयोग जुटाया जाएगा।साथ ही वर्तमान पीढ़ी को मंदिर के इतिहास की सच्चाई से अवगत भी कराया जाएगा।विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शुक्रवार को कहा कि मंदिर निर्माण के लिए दान नहीं सहयोग राशि एकत्र की जाएगी।इसके लिए सौ रुपए के आठ करोड़,दस रुपए के चार करोड व एक हज़ार रुपये के 15 लाख के कूपन के अलावा 15 लाख रसीदें भी प्रकाशित कराई गई है।प्रत्येक घर तक श्रीराम मंदिर की तस्वीर पहुंचे,इसलिए प्रत्येक कूपन पर भव्य चित्र भी प्रकाशित किया गया है।राय ने बताया कि विदेशी मुद्रा में आर्थिक सहयोग लेने के लिए कानून का गंभीरता से पालन किया जाएगा।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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