चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव में शहीदों को नमन कर दी श्रद्धांजलि स्काउट गाइड के छात्रों ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन

 चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव में शहीदों को नमन कर दी श्रद्धांजलि स्काउट गाइड के छात्रों ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन



जब क्रांतिकारियों ने जनपद को 32 दिन कराया आजाद मुरादीपुर फासियाबागा का गजट अनुसार असली नाम जानें


फतेहपुर। जनपद के मलवाँ विकास खंण्ड के गुनीर ग्राम सभा के मजरे मुरादीपुर चौराहे के समीप स्थित फासिया बाग में सर्वोदय इंटर कॉलेज गोपालगंज के स्काउट गाइड के छात्र छात्राओं ने विद्यालय अध्यापकों के साथ रैली निकालकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया जहां मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे बिंदकी तहसीलदार गणेश सिंह को मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व प्रधानाचार्य स्वयंबर सिंह ने विस्तृत जानकारी से अवगत कराते हुए कहा कि 18 57 में ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ अंग्रेजों की गुलामी को छोड़ आजादी के बिगुल जब बजा तो फतेहपुर जनपद के क्रांतिकारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जहां ठाकुर दरियाव सिंह के साथ 51 साथी, जोधा सिंह अटैया, गया प्रसाद दुबे, हिकमत उल्ला खाँ के नेतृत्व क्रांतिकारी महाराज दीन सिंह की अगुवाई में जनपद में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जनपद 32 दिन तक आजाद रहा। आजादी के दौरान अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के पैर उखड़ ने भारत से शुरू हो गए ऐसे में अंग्रेजों ने नई रणनीति अपनाते हुए जनरल नील के साथ जनरल हैवलॉक को जिम्मेदारी सौंपते हुए आजाद मुख्यालय व जिलों मैं पुनः कब्जा करने का आदेश दिया जहां जनरल हैवलॉक की अगुवाई में वर्तमान मुरादीपुर स्थित तत्कालीन गजट के अनुसार बासुदेव खेड़ा गांव में अंग्रेजों ने नाना राव पेशवा के गांव से व्यापारिक संबंध होने के चलते समूचे गांव को लूटमार कर गांव को उजाड़ दिया।लूटे गए माल को सैनिकों को बांट दिया माफ कर दिया बासु देव खेड़ा गांव लोगों ने पलायन कर जाफर गंज कटरा, भगवंत नगर जनपद उन्नाव में भाग कर अपनी जान बचाई उस दौरान युद्ध लड़ने का सामान कम होने के कारण उन्नाव जनपद से राजा राव राम बक्श सिंह की अगुवाई में तो वही कानपुर मैं नाना राव पेशवा की अगुवाई में छापामार युद्ध अंग्रेजों के साथ हो रहा था। जिससे अंग्रेजों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था। जनपद आजाद होने की सूचना पर ठाकुर दरियाव सिंह के 51 साथियों को जहां बावन इमली विकासखंड खजुहा में इमली पेड़ से लटका दिया गया था। कई दिनों तक क्रांतिकारियों के शव पेड़ पर लटके रहे जिसके बाद पहुर गांव के क्रांतिकारी महाराज दीन सिंह की अगुवाई में बैलगाड़ी से क्रांतिकारियों को सबको शिवराजपुर स्थित गंगा घाट में अंतिम संस्कार किया गया था। चौरी चौरा शताब्दी समारोह वर्ष के आयोजन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आंदोलन का एक मात्र उद्देश्य था अंग्रेजों को एक साथ उखाड़ फेंकना क्रूर अंग्रेजों को क्रांतिकारियों के आगे मजबूर होकर झुकना पड़ा और देश आजाद हुआ आज हम सभी अपने दायित्वों का पालन करते हुए हमें देश प्रथम मानकर सभी कार्य करने चाहिए वर्तमान समय में देश को तोड़ने व विघटित करने के साथ समाज को सांप्रदायिक जाति धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है हम लोगों को बड़ी ही होशियारी के साथ देश को प्रथम मानकर देश हित में कार्य करने चाहिए इस मौके पर सर्वोदय इंटर कॉलेज गोपालगंज के पूर्व प्रधानाचार्य रामप्रकाश सिंह चौहान, उपप्रधानाचार्य रणविजय सिंह, आरबी सिंह शिक्षक, कुलदीप शैनी शिक्षक, मंडल महामंत्री मलवाँ उदयभान, सहित सभी ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

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