बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया शहीद दिवस

 बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया शहीद दिवस



जहानाबाद (फतेहपुर)आज थाना क्षेत्र के ग्राम नोनारा में शहीदों को याद कर बड़े ही धूमधाम के साथ शहीद दिवस मनाया गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार इस शहीद दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने आए उत्तर प्रदेश कारागार राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी की पत्नी पूर्व ब्लाक प्रमुख सुशीला देवी और सपा के पूर्व विधायक मदन गोपाल वर्मा वरिष्ठ पत्रकार लोकनाथ पांडे एवं मंत्री प्रतिनिधि कैलाश नाथ शर्मा और बिंदकी तहसील के तहसीलदार आदि आदि लोगों ने शहीदों को नमन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया और प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद शिव नारायण तिवारी पुत्र स्व.गजोधर तिवारी ने महात्मा गांधी जी के द्वारा चलाए गए लगान बंदी आंदोलन में सक्रिय भाग लेने के कारण 26 फरवरी सन 1931 में तत्कालीन खजुहा तहसील के तहसीलदार अवध बिहारी लाल श्रीवास्तव अपने तीन सुरक्षा गार्डों के साथ लगान वसूली के लिए ग्राम नोनारा में पहुंचे थे ग्राम में पहुंचते ही छोटे लाल वा भवानी दिन कुर्मी को पकड़कर नंगा कर हाथों को बांधकर घोड़े वाले चाबुक से इतना मारा कि उनके शरीर से खून रिसने लगा उनके  चिल्लाने पर शहीद शिव नारायण तिवारी ने लगभग 100 आदमियों को लेकर उक्त तहसीलदार के ऊपर हमला बोल दिया तब उक्त तहसीलदार अपनी जान बचाते हुए एक अरहर के खेत में घुस गए तब गांव वालों ने सहित शिव नारायण तिवारी के साथ मिलकर  अरहर के खेत में छिपे तहसीलदार को ढूंढते हुए लाठियों से मार-मार कर  जान से मार दिया इसके बाद उक्त तहसीलदार के सुरक्षा गार्ड शिव नारायण तिवारी को गोलियों से मारकर शहीद कर दिया इसके बाद ग्राम के 192 लोगों की गिरफ्तारी हुई और सत्र न्यायालय कानपुर में केस चला गया उसमें लगभग 16 लोगों को आजन्म कारावास सुनाई तथा छोटे लाल कुर्मी वा दुलारे लाल तिवारी पुत्र शहीद शिव नारायण तिवारी को सत्र न्यायालय कानपुर से फांसी की सजा सुनाई गई और शाहिद शिव नारायण तिवारी के नवयुवक बेटे दुलारे लाल तिवारी को 3 अप्रैल सन 1932 को मलाका जेल इलाहाबाद में फांसी दे दी गई जिसे दुलारे लाल तिवारी ने हंसते हुए फांसी को स्वीकार कर फंदे को चूमा और फांसी पर लटक गए शहीद शिव नारायण तिवारी के नाती विशंभर नाथ तिवारी व राम किशोर तिवारी ने बताया कि यह शहीद दिवस हर साल 26 फरवरी को मनाया जाता है जिसमें उच्च अधिकारी लोग एवं क्षेत्र के जनप्रिय नेता लोग शहीद दिवस में आते हैं लेकिन इस बार केवल उच्च अधिकारियों में तहसीलदार ही आ पाए हैं और कोई भी उच्च अधिकारी इस शहीद दिवस में शिरकत नहीं लिया है इस मौके पर ग्राम के हजारों स्त्री पुरुष एवं बच्चे शहीद दिवस में आकर शहीदों को नमन किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किए ।