स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता अभियान कहा तक

 स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता अभियान कहा तक


शहर का ऐसा कौन सा मुहल्ला जहाँ सड़क पर नही है कूड़ा


फतेहपुर। उत्तर प्रदेश सरकार की योगी सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई है तब से आज तक सबसे ज्यादा जोर स्वच्छता पर देती आई है, आम आदमी से लेकर विधायक संसद और मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री के हाथों में भी झाड़ू को पकड़े देखा गया होगा ,परन्तु क्या इतना होने के बाद भी साफ सफाई के नाम पर गंदगी फैलाने वालों की जनसंख्या में कोई कमी हुई है, दिखावे की सफाई ने उस दिन तो साफ करवा दिया पर आज सभी जगह पर गंदगी जस की तस पड़ी है । नगरपालिका ने सफाई कर्मचारियों से लेकर सफाई नायकों और सभासदों पर वार्डो की ठेकेदारी भले ही दे दी हो पर सफाई के नाम पर लोगो को केवल दिखावा मिलता है शहर के अंदर के अभी भी बहुत से मुहल्ले ऐसे है जहाँ संचारी रोग अभियान की पोल खोली जा सकती है,आज से चल रहे इस अभियान का सही उपाय तो तब होगा जब जिले के सभी मुहल्लों में साफ सफाई की सुचारू रूप से व्यवस्था होगी।जिले में भले ही कुछ जगह तो कूड़े के कूड़ेदानों को देखा जा सकता है पर कुछ जगह पर वो शो-पीस पर रखे गए है जब कि अभी भी ज्यादातर जगहों पर कूड़े को रोड और नालियों में फेकने पर मजबूर है आम जनता ,साफ सफाई की बात करे तो शहर के उत्तरी गौतम नगर स्थित तालाब को कूड़ेदान बना दिया गया है जहाँ पर जिले भर के कूड़े को मुहल्ले को बदबूदार बनाने के काम मे लाया जा रहा है मुहल्ले वाले भले ही शिकायत करते रहे पर इसका असर न तो सभासद पर देखने को मिलता है न ही पालिका कर्मचारियों पर ,यही हाल जिले की आई टी आई रोड की बात करे तो सड़क पर कूड़े का ढेर रोजाना लगा रहता है जो आई टी आई के विद्यार्थियों को बीमार होने पर मजबूर करती है और सड़क से निकलने वाले लोगो को सफाई की और नगर पालिका की स्वच्छता अभियान से रूबरू करा रही है ,बात करे अगर जिले के सदर के पीछे स्थित नई बस्ती की तो नालियां गोबर से भरी पड़ी है जिम्मेदारों को फोन उठाने तक का समय नही है जनता भले ही स्वच्छता के नियमो में परेशान हो पर जनता के हितकारी को जनता की कोई फिक्र नही ,जिले के न जाने कितने ही मुहल्ले है जिन पर  साफ सफाई की व्यवस्था को साफ तौर पर देखा जा सकता है। आम जनमानस को साफ सफाई न दे पाने वाले सफाई के ठेकेदारों से क्या लोगो की स्वच्छता की उम्मीद कहा तक रखनी चहिये।