बुंदेलखण्ड का भूगोल बिगाड़ने वालों की बुद्धि-शुद्धि हेतु किया हवन

 बुंदेलखण्ड का भूगोल बिगाड़ने वालों की बुद्धि-शुद्धि हेतु किया हवन



 जीवनदायनी  नदियां नही बचेंगी तो जीवन कैसा बचेगा ? -  प्रवीण पाण्डेय


नगर के प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में स्वयंसेवकों ने किया हवन


मौरंग-बालू खनन से नदियों का स्वरूप बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग


खागा /फतेहपुर: जल, जंगल और जमीन के लिए संघर्ष कर रहे बुंदेलखण्ड राष्ट्र समिति के स्वयंसेवकों ने शुक्रवार सुबह नौबस्ता रोड स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर प्रांगण में हवन किया। स्वयंसेवकों का कहना था नदियों में मौरंग-बालू का खनन जिस प्रकार तेजी से किया जा रहा है, उसमे प्राचीन नदियों का स्वरूप बिगड़ रहा है। ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से सड़कों की हालत ध्वस्त हो रही है। खराब सड़कों की वजह से क्षेत्र के लोग समय पर गंतव्य नहीं पहुंच पाते हैं। मरीजों को उनके घर से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था में लगी एंबुलेंस गाड़ियां खराब सड़कों व जाम की वजह से सेवाएं नहीं दे पा रही हैं। 


स्वयंसेवकों ने जिला प्रशासन व सरकार के जिम्मेदार पदों पर बैठे मंत्री, नेताओं की बुद्धि-शुद्धि हेतु हवन करते हुए आहुतियां डालीं। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय का कहना था बुंदेलखण्ड के विभिन्न जनपदों खासकर बांदा, चित्रकूट व फतेहपुर में भ्रमण के दौरान यह देखने के लिए मिलता है कि यमुना नदी में मौरंग खनन के दौरान मानक की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। तय मानक से अधिक गहराई में खनन के लिए लंबी बूम वाली पोकलैंड मशीनों का धड़ल्ले से प्रयोग किया जाता है। रास्ता बनाने व सिल्ट सफाई के नाम पर खदान में एक या दो मशीनों के इस्तेमाल की अनुमति होती है। इसके विपरीत देखा जा रहा है कि प्रत्येक मौरंग खदान में 10 से 20 मशीनों को खनन के लिए प्रयोग किया जाता है। जिला प्रशासन भी इस अंधेरगर्दी में खदान संचालकों के साथ खड़ा है। जिसका दुष्परिणाम है कि क्षेत्र की सड़कें समय से पहले ध्वस्त हो रही हैं। वहीं हमारी जीवन दायिनी नदियों का स्वरूप बिगाड़ने में माफिया कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पेड़ और पानी मानव जीवन की निशानी हैं। नदियों ने हमें जीवन दिया, जीना सिखाया, आत्म निर्भर बनाया है। नदी नहीं यह शक्ति है, नदियों को बचाएंगे तभी जिंदगियां बचेंगी। हमारी जीवन दायिनी नदियां आज आधुनिकता की चपेट में हैं। अवैध खनन के चलते ही जनपद के कोर्रा कनक ग्राम पंचायत की सैकड़ों बीघा कृषि योग्य भूमि बांदा जनपद के हिस्से में चली गई। यहां के किसान अपनी खोई हुई भूमि को पाने के लिए विगत कई वर्षों से लड़ाई लड़ रहे हैं। समिति के स्वयंसेवकों ने हवन यज्ञ में आहुतियां डालते हुए जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर खीचने का प्रयास किया है। इनका कहना था यदि जल्द ही अवैध खनन, ओवरलोडिंग व नदियों का स्वरूप बिगाड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई न हुई तो संसद से सड़क तक इसका विरोध किया जाएगा। अभी कुछ दिन पहले ही समिति के केंद्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के बेहद नजदीकी विधान परिषद सदस्य व पूर्व आईएएस एके शर्मा को लिखित शिकायत देते हुए अवैध खनन मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की थी। हवन करने वालों में पुष्पेंद्र सैनी, वार्ड सभासद सूरज सिंह, जुगेश सिंह, अवधेश मिश्र, जनार्दन त्रिपाठी, धीरेंद्र शुक्ला, कपिल कुमार, हिमालय वैश्य, रितेश मोदनवाल, राहुल शुक्ला, सुशील अवस्थी, सोनू, बेटू पंडित आदि रहे।