खागा पुलिस की निष्क्रियता से नहीं मिल रहा पीड़ित को न्याय दर-दर भटकने पर मजबूर

 खागा पुलिस की निष्क्रियता से नहीं मिल रहा पीड़ित को न्याय दर-दर भटकने पर मजबूर



शिकायतकर्ता को दरोगा ने आरोपियों के घर छोड़ा


आए दिन नए नए आरोपों के साथ खागा पुलिस बनी हुई है चर्चा में


फतेहपुर। जनपद में पुलिस विभाग अपने किसी न किसी कारनामे की वजह से सुर्खियों में रहा है। ताजा मामला खागा कोतवाली क्षेत्र के नई बाजार का है। जहां अमित गुप्ता पुत्र दिनेश चंद गुप्ता अपने मकान का निर्माण करवा रहे थे। मिस्त्री द्वारा दीवाल पर काम खत्म होने के बाद एक ईंट छोड़ दी गई थी। 1 जून 2021 को दीवाल पर रखी ईट को बंदरों ने गिरा दिया। बगल में ही प्रार्थी के दादा राकेश कुमार का मकान है जिनकी छत में कुर्सी रखी हुई थी। ईंट गिरने के कारण कुर्सी टूट गई जिस पर राकेश कुमार,चाचा वीरेंद्र कुमार उनके लड़के बबलू उर्फ लक्ष्मीकांत तथा लक्ष्मीकांत के दोस्तों ने जो कि अपराधिक प्रवृत्ति के हैं। उन्होंने प्रार्थी को गाली गलौज देना शुरू कर दिया। प्रार्थी ने हालांकि जुर्माने के तौर पर उनको नई कुर्सी देने की बात भी कही किन्तु आरोपियों ने मिलकर पीड़ित को बुरी तरह से मारा-पीटा। इस मारपीट में दिनेश चंद गुप्ता ने जब बीच बचाव करने का प्रयास किया तो उन्हें भी मारा पीटा गया। पीड़ित ने खागा कोतवाली में इसकी लिखित सूचना दी तब पुलिस ने कार्यवाही करते हुए एफ आई आर दर्ज कर ली और आरोपियों की तलाश शुरू की किंतु घर में नहीं मिले। अगले दिन पुलिस ने अमित गुप्ता को कोतवाली बुलाया और उसे साथ लेकर आरोपियों की दुकान तिलका पुर मोड़ गए वहां उप निरीक्षक मुन्नू कुमार शुक्ला ने अमित गुप्ता को छोड़ दिया। जिससे आरोपियों ने शिकायतकर्ता को फिर से बुरी तरह से मारा पीटा जिससे शिकायतकर्ता को गंभीर रूप से चोट आई। जिसे आनन-फानन में परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरदो में भर्ती करवाया। वहां से डॉक्टरों ने जिला मुख्यालय भेजा जहां से चिकित्सकों ने उसे कानपुर रिफर कर दिया। पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में अमित गुप्ता ने बताया कि मुकदमे में चार्ज शीट लगाने के लिए विवेचक उप निरीक्षक मुन्नू कुमार शुक्ला ने ₹5000 की मांग की थी और न देने पर उन्होंने मुकदमे की रिपोर्ट एक पक्ष में लगाने की धमकी दी। पुलिस की लापरवाही के चलते घटना की पुनरावृत्ति 14 मार्च को पुनः हुई। आरोपियों ने स्कूटी से जा रहे शिकायतकर्ता को पहले तो ईंट फेंक कर मारी जिससे उसके सर में गंभीर रूप से चोंटे आई और वह गाड़ी से गिर गया। गाड़ी से गिरने के बाद पीड़ित को लात घुसा व लाठी-डंडों से बुरी तरह से मारा पीटा गया। जिसकी शिकायत पुनः पीड़ित ने खागा कोतवाली में की, किंतु पुलिस की निष्क्रियता से आज तक मुकदमा नहीं लिखा गया है मजबूर होकर पीड़ित अमित गुप्ता ने आज पुलिस अधीक्षक का द्वार खटखटाया है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस अधीक्षक पीड़ित को न्याय दिला पाते हैं या फिर पुलिस की मनमानी इसी तरह चलती रहेगी। क्या खागा की जनता सुरक्षित रह पाएगी। इन सबके बावजूद बबलू लक्ष्मीकांत पुत्र राकेश गुप्ता पीड़ित पर बराबर सुलह करने का दबाव बना रहा है। सुलह न होने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।