आधुनिक जीवन शैली गौरैया के जीवन के लिए बना बाधा - प्रवीण पाण्डेय

 आधुनिक जीवन शैली गौरैया के जीवन के लिए बना बाधा -  प्रवीण पाण्डेय



गौरैया को बचाने के लिए किए जाएं हर संभव प्रयास


खागा ( फतेहपुर ) :


विश्व गौरैया दिवस पर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति द्वारा वर्चुअल चिंतन बैठक आहुति हुई l समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय ने कहा की   बचपन मुझे याद है  म गौरैया के घोंसलों को  घर की मिट्टी की दीवारों के दरारों में, बसों और रेलवे स्टेशन की छतों में देखा करता था। दादी मां अपने घर के आंगन में धान, सांवां, ज्वा और बाजरों के गुच्छे लटकाती थीं, जिसके कारण बहुत अधिक गौरैया घरों में आती थीं। जिससे छप्पर के बांस के छिद्रों में उन्हें घोंसला बनाने में आसानी होती थी।गौरैया मनुष्य के साथ लगभग 10,000 वर्षों से रह रही है l उनकी आबादी में भारी गिरावट आ चुकी है l गांवों के लोग अभी भी गौरैया के चीं- चीं की आवाजों को सुन और महसूस कर लेते है आधुनिक जीवन शैली गौरैया को सामान्य रूप से रहने के लिए बाधा बन गई। पेड़ों की अन्धाधुन्ध कटाई, खेतों में कृषि रसायनों का अधिकाधिक प्रयोग, टेलीफोन टावरों से निकलने वाली तरंगें, घरों में सीसे की खिड़कियाँ इनके जीवन के लिए प्रतिकूल हैं। साथ ही साथ, जहां कंक्रीट की संरचनाओं के बने घरों की दीवारें घोंसले को बनाने में बाधक हैं वहीं घर, गाँव की गलियों का पक्का होना भी इनके जीवन के लिए घातक है, क्योंकि ये स्वस्थ रहने के लिए धूल स्नान करना पसंद करती हैं जो नहीं मिल पा रहा है। ध्वनि प्रदूषण भी गौरैया की घटती आबादी का एक प्रमुख कारण है।

बांदा के डालचंद्र एडवोकेट ने कहा की घर के छतों, आँगन, खिड़कियों और छज्जों पर दाना  और पानी जरूर रखें। चित्रकूट के  चंद्रिका ने कहा की 

पहले की भांति घरों में धान, बाजरा इत्यादि की बालियां फिर से लटकाना शुरू कर दें।

अंकुश त्रिपाठी ने कहा की 

गौरैया के घोसला बनाने में मदद करें। यदि घर में कहीं घोसला बना रही हैं तो उन्हें न बिगाड़े।

आदित्य पाण्डेय ने कहा की हम

कोशिश करें कि घर में कार्टून, खोखले बाँस के टुकड़े या मिट्टी की छोटी-छोटी बेकार मटकियों में छेद करके टांग दें।आंचल त्रिपाठी ने कहा हम गर्मियों में पीने के लिए पानी की उचित व्यवस्था करें।वर्चुअल बैठक में जुड़े समिति के सभी स्वयंसेवकों ने गौरैया की स्थिति पर चिंता व्यक्त की l मुख्य रूप से हिमांशु तिवारी , दीपक , शक्ति श्रीवास्तव , अंकित सिंह , राज दुबे , राजेश सिंह , जिकेश पटेल आदि प्रमुख रूप से रहे l