कंश वध होते ही लगे जय श्रीकृष्ण के जयकारे

 कंश वध होते ही लगे जय श्रीकृष्ण के जयकारे



अठारह बटुको का हुआ यज्ञोपवीत संस्कार 


लीला को केवल मनोरंजन की दृष्टि से न देखे:आलोक


यज्ञवेदी की श्रद्धालुओ ने की परिक्रमा


बिंदकी (फतेहपुर)।देवमई विकास खण्ड के मुसाफा गावँ मे चल रहे रुद्र महायज्ञ एवं रासलीला कार्यक्रम के छठवे दिन रविवार को आचार्यो ने अठारह बटुको का यज्ञोपवीत संस्कार कराया।वृंदावन  से आये कलाकारो ने कंश वध लीला का जीवंत मंचन किया।

गावँ के बूडेनाथ स्वामी मंदिर परिसर मे चल रहे धार्मिक अनुष्ठान मे श्रद्धालुओ ने यज्ञवेदी की परिक्रमा किया।आचार्यो द्वारा सोलह संस्कारो मे आने वाले यज्ञोपवीत संस्कार कराया।विधिविधान से संस्कार सम्पन्न हुये।लीला मे कंश के अत्याचार से मुक्ति दिलाने को श्रीकृष्ण द्वारा कंश वध किया गया।कंश वध होते ही पंडाल श्री कृष्ण के जयकारो से गूंज उठा।कार्यक्रम मे युवा विकास समिति के प्रवक्ता आलोक गौड़,सोनल सिंह चौहान ने आरती किया।आलोक गौड़ ने कहा ऐसे कार्यक्रम लोगो को एक सूत्र मे बाधने का कार्य करते है।भगवान की लीला का मजाक नही बल्कि निर्मल मन से देखना चाहिये यह मनोरंजन का माध्यम नही है।

इस मौके पर वीरेंद्र सिंह,अमित तिवारी,हिमांशु भदौरिया,श्याम शुक्ला,शुभम अवस्थी,दीपक शुक्ला,सक्षम,संजय तिवारी,राहुल गुप्ता रहे।