लखनऊ:श्रवण साहू हत्याकांड में सीबीआई ने पूर्व एसएसपी मंजिल सैनी को माना लापरवाही का दोषी,विभागीय कार्यवाही की सिफारिश

 लखनऊ:श्रवण साहू हत्याकांड में सीबीआई ने पूर्व एसएसपी मंजिल सैनी को माना लापरवाही का दोषी,विभागीय कार्यवाही की सिफारिश



लखनऊ। बहुचर्चित श्रवण साहू हत्याकांड में लखनऊ की तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी की मुश्किलें जल्द बढ़ सकती हैं। श्रवण साहू हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआइ लखनऊ की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने अपनी पड़ताल में मंजिल सैनी को श्रवण साहू की सुरक्षा में लापरवाही बरते जाने का दोषी पाया है। सीबीआइ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।

2017 में राजधानी में पहले बेटे फिर पिता श्रवण साहू की हत्या में खाकी ने घोर लापरवाही बरती।  मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। जांच में सीबीआई ने एसएसपी मंजिल सैनी की लापरवाही माना है। राज्य सरकार को जांच व कार्यवाही के किये पत्र लिखा है।जिससे पूर्व एसएसपी मंजिल सैनी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मंजिल सैनी 18 मई 2016 से 27 अप्रैल 2017 तक लखनऊ की एसएसपी के पद पर रही। वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में डीआईजी पद पर तैनात हैं।

सआदतगंज थाना क्षेत्र के श्रवण साहू की हत्या 1 फरवरी 2017 को उनके घर के सामने गोली मारकर कर दी गई थीं। वह अपने बेटे की हत्यारों के खिलाफ अदालत में लड़ रहे थे। श्रवण के बेटे आयुष साहू की हत्या वर्ष 2016 में कर दी गई थी।जिसके वह इकलौते गवाह थे। आयुष की हत्या में पुलिस कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने लखनऊ की तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। पुलिस की लापरवाही की वजह से उनको सुरक्षा नही मिली और बदमाशों ने उनकी हत्या की दी। यह पुलिस की घोर लापरवाही थी।


*श्रवण को फर्जी मुकदमे में फसाने व हत्या मामले में कई पुलिस कर्मियों पर हो चुकी है कार्यवाही*


पुलिस कर्मियों व अकील के बीच गहरा संबंध था। जिसका फायदा अकील उठाता था। पुलिस कर्मी उसका साथ गलत कार्यो में भी देते थे। जिसकी वजह से वह इलाके का माफिया बन गया था। जिसकी वजह से पहले बेटे फिर पिता श्रवण साहू को फर्जी जेल भेजना व बाद में हत्या हो जाना पुलिस की लापरवाही का ही नतीजा था। हत्या के बाद गहनता से जांच हुई जिसमें  क्राइम ब्रांच  प्रभारी धीरेंद्र कुमार शुक्ला को बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा आरक्षी धीरेंद्र यादव, अनिल सिंह को भी बर्खास्त किया गया था। ब्रांच के सिपाही राजाराम पांडेय, सुजीत कुमार, विवेक मिश्रा, आलोक पांडेय, लवकुश मिश्रा को निलंबित किया गया था। वहीं पारा थाने में तैनात एसआई मोरमुकुट पांडेय, पंकज सिंह, क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम के एसआई संजय खरवार, विनय कुमार को लाइन हाजिर किया गया था। सआदतगंज के इंस्पेक्टर सुरेश कुमार पटेल, आरआई शिशुपाल सिंह तोमर, चौकी प्रभाीर रामकेवल तिवारी, सिपाही धर्मवीर, विजय, राम आसरे को निलंबित किया गया था। वहीं सीओ बाजारखाला विमल किशोर श्रीवास्तव व एलआईयू के खिलाफ भी जांच व कार्यवाही हुई है।

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