पड़ोसी युवक से आहत होकर युवती ने नशीला पदार्थ खाकर दी जान

 पड़ोसी युवक से आहत होकर युवती ने नशीला पदार्थ खाकर दी जान 



परिजन द्वारा थाने में डेड बॉडी रख, घिराव करने के बाद दर्ज हुआ मुकदमा


शिकायती पत्र देने के बाद क्षेत्रीय पुलिस ने नही की थी कार्यवाही,न्याय की भीख थाने की चौखट में मांगती रही थी पीड़िता की माँ


मासूम की जान जाने के बाद ही क्यों जागी क्षेत्रीय पुलिस, पहले क्यों नही की कार्यवाही


फतेहपुर।चाँदपुर थाना क्षेत्र के रिठवा गांव की लड़की साक्षी प्रजापति ने पड़ोसी लड़के से तंग आकर जान देदी।पीड़िता की माँ द्वारा बताया गया की मेरी बेटी को पड़ोसी लड़के सौरभ सिंह पुत्र राम नारायण सिंह व तेज बहादुर सिंह पुत्र श्री पाल सिंह दोनों मेरी बेटी को कॉलेज आते जाते समय डरा धमका कर दो वर्षो से परेशान कर जबरन परेशान व प्यार प्रसंग का  दबाव आय दिन बनाते थे।मेरी बेटी लॉज लज्जा के कारण किसी को नही बताया और शनिवार को अचानक सुसाइड पत्र लिख कर जहरीला पदार्थ खा लिया पत्र में लिखा था। की माँ जहाँ जीवन जीने के लिए आत्म सम्मान बेचना पड़े तो ऐसी जिंदगी जीने से क्या फायदा इससे अच्छा है मर जाना जिससे तंग आकर मेरी बेटी ने शनिवार को जहरीला पदार्थ खाकर जान देनी की कोशिश करी थी।जब घर के  हम सभी परिजनो को जब बेटी की जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी मिली तो आनन फानन उसे उपचार के लिए चिकित्सा के लिए कानपुर ले गए जहाँ हैलेट में भर्ती कराया गया।जिसका इलाज के दौरान आज मेरी बेटी साक्षी प्रजापति उम्र 17 वर्ष की मौत हो गई। जब की पीड़िता ने गांव के ही युवको के ऊपर छेड़ छाड़ करने की लिखित शिकायत नजदीकी चाँदपुर थाने में एक दिन पहले दी थी लेकिन पुलिस ने इसमें कुताहि बरतते हुए इस मामले में कोई भी कार्यवाही नही की थी।तब पीड़िता को थाने में न्याय नही मिला तो  बेटी की माँ ने बताया की मेरी बेटी साक्षी प्रजापति ने जहरीला पदार्थ खाकर मौत को गले लगा लिया।न्याय मांगने  के लिए कार्यवाही न होता देख पीड़ित के परिजन ने बेटी की डेड बॉडी थाने में रखकर थाने का धेराव किया तब जाकर पुलिस हरकत में आकर दोषियों के खिलाप मुकदमा लिखा।तब पीड़ित के परिजन डेड बॉडी पुलिस के साथ उनके घर पहुचाई गई जब की परिजनों का कहना था की जब तक दोषियों के खिलाप मुकदमा नही लिखा जायेगा जब तक मेरी बेटी का अंतिम संस्कार नही होगा। इस घटना के बाद क्षेत्रीय पुलिस में सवालिया प्रशन खड़े होते है की अगर पुलिस समय रहते एक्शन लेकर दोषियों के खिलाप मुकदमा पंजीकृत करती तो मासूम बेटी साक्षी प्रजापति की जिंदगी शायद बच जाती।