राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम खून से लिखा पत्र,

 राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम खून से लिखा पत्र, 



 छत्तीसगढ़ का (हसदेव जंगल) केवल जंगल नहीं है जीव जंतुओं, आदिवासी लोगों का आश्रय स्थल है 


रिपोर्ट - ब्यूरो चीफ श्रीकांत श्रीवास्तव


बांदा -  बुंदेलखंड के जिला बांदा के बबेरू नगर के अंबेडकर पार्क में आज बुंदेलखंड राष्ट्र समिति द्वारा छत्तीसगढ़ के हसदेव जंगल बचाने के लिए एक दिवसीय धरना दिया गया l वही पर ,

राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री को बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय व समिति के पदाधिकारियों ने खून से पत्र लिखा जंगल बचाने की मांग की l  केंद्रीय अध्यक्ष ने 

पत्र में लिखा की राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ का हसदेव अरण्य (हसदेव जंगल) मध्यभारत का फेफड़ा कहे जाने वाले  जंगल की रक्षा करें l हसदेव अरण्य के करीब 4.50 लाख पेड़ों व असंख्य छोटे-छोटे पौधे जो कभी पेड़ बनेंते उन्हें पैरों से कुचलने से बचाएं  l हसदेव के जंगल कटने से पेड़ों की 167 प्रजतियां खत्म होने से बचाएं l  हाथी, भालू, तेंदुआ, भेड़िया, धारीदार लकड़बग्धा जैसे दर्जनभर से अधिक वन्य जीवों का रहवास खत्म हो जाएगा! इसके अलावा विलुप्तप्राय चिड़ियों, तितलियों और सरीसृपों की दर्जनों प्रजातियां भी विलुप्त होने से बचा लें l जंगल के काटने के निर्णय से लोग न केवल चिंतित हैं, बल्कि आक्रोशित भी हैं l  जंगल काटे जाने से पर्यावरण पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ेगा l समिति के पदाधिकारी प्रमुख सचिव डालचंद्र , नितेश गुप्ता , विकास सिंह ,जय प्रकाश सिंह , निलेश सिंह , राजेश सिंह , नीलू गुप्ता आदि ने भी जंगल काटे जाने पर दुःख व्यक्त किया है l