चकबंदी में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने सौपा ज्ञापन

 चकबंदी में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने सौपा ज्ञापन



रिपोर्ट -  श्रीकांत श्रीवास्तव


बांदा -  ग्राम त्रिवेणी में हो रहे  चकबंदी में  भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय कांग्रेस पार्टी के जिला प्रभारी रामप्रवेश यादव की अगुवाई में धरना प्रदर्शन  कर बांदा जिला अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को दिया संबोधित ज्ञापन त्रिवेणी गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है जिसमें चकबंदी अधिकारी और कर्मचारी चकबंदी की मूल भावना और दिशा के विपरीत किसानों की लूट करने का काम कर रहे हैं जिसमें उनके साथ गांव का एक ताकतवर हिस्सा भी शामिल है कई काश्तकारों का आरोप है कि चकबंदी अधिकारियों ने भरी रिश्वत  लेकर उन्हें उनकी मूल ज जोत से हटाकर खराब जमीन पर उड़ान दे दिया है गांव के दलितों को 1970  80 के दशक में पढ़ते हुए थे राम बिहारी पुत्र ,कलुआ, सिपहिया, पुत्र कल्लू रामविलास रघुवर ,सरवन पुत्र पांच,मूलचंद लोटन, भैया लाल, पुत्र शिवका, महावीर पुत्र मातादीन, राजेंद्र ,पुत्र श्रीराम पुत्र और पुत्र सुखलाल बाबूलाल दुर्गा समेत तमाम गरीबों को जिनके हिस्से में भी उसे हटाया जा रहा है कि दूसरों को बाईपास के किनारे जमीन देकर उन्हें भारी फायदा पहुंचाया रिश्वत ली जा रही है और उससे तो बदले में दो-तीन  बिष्वा जमीन ली जा रही पूरी  चकबंदी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।ग्रामीणों का कहना है कि इसमें करोड़ों रुपए की लूट की गई है आप की सरकार भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टैबलेट पर काम कर रही है इस महा घोटाले पर अंकुश लगाने और भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने के लिए हम मांग करते हैं कि

1 किसानों के साथ हो रहे अन्याय और लूट पर रोक लगाने के लिए पूरी चकबंदी पर रोक लगाकर पूर्व की स्थिति बहाल की जाए

2  प्रकरण की जांच करवाता भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों कर्मचारियों को दंड दिया जाए और उन से लूटी गई रकम की वसूली की जाए

3 पट्टा धारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी जमीन का वहीं पर बंदोबस्त किया जाए

4 गांव के दलितों के घरों में अभी तक शौचालय नहीं बने सभी के घरों में शौचालय बनवाए जाएं

5 दलितों अति पिछड़ों और कमजोर तबके के लोगों जिनके पास पक्के मकान नहीं उन्हें भी पीएम आवास दिया जाए

6 सभी बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों को पेंशन दिया जाए एक सप्ताह के अंदर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो  बाध्य होकर भूख हड़ताल की  करेंगे ।