आकाशीय विद्युत/व्रजपात से होने वाले नुकसान में कमी लाने के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजन के साथ दामिनी ऐप को डाउनलोड कराने पर दिया गया जोर

 आकाशीय विद्युत/व्रजपात से होने वाले नुकसान में कमी लाने के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजन के साथ दामिनी ऐप को डाउनलोड कराने पर दिया गया जोर



फतेहपुर।प्रभारी जिलाधिकारी फतेहपुर ने बताया कि आकाशीय विद्युत/व्रजपात से होने वाले नुकसान में कमी लाने हेतु वृहद स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाने के साथ-साथ प्रत्येक अधिकारियों/कर्मियों के मोबाइल में "दामिनी एप" को डाउनलोड कराते हुए इसके उपयोग हेतु जागरूक कराया जाए । उक्त जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में शासन द्वारा सुझाये गये उपायो को ढ़ोल/डुगडुगी आदि के द्वारा आम जन-मानस के बीच मे प्रचार-प्रसार कराये।


*आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय:-*


*व्रजपात के दौरान घर या कार्यस्थल पर हो तो क्या करे।*

◆आसमान में अंधेरा छा जाये और तेज हवा हो तो सतर्क हो जाएं । यदि आप गड़गड़ाहट सुनते हैं, तो समझ लें कि बज्रपात होने वाला है ।

◆जब तक बिल्कुल आवश्यक न हो, बाहर न जाएं । 

◆अद्यतन जानकारी और चेतावनी निर्देशों के लिए स्थानीय मीडिया की निगरानी रखें ।

◆ घर के अन्दर रहे और यदि सम्भव हो तो यात्रा से बचें।

  (अपने घर के बाहर खिड़कियों और दरवाजों और सुरक्षित वस्तुओं को बंद करें ( जैसे, फर्नीचर, डिब्बे, आदि )  सुनिश्चित करें कि बच्चे और जानवर अंदर है । 

● अनावश्यक बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें । 

● पेड़ की लकड़ी या किसी अन्य मलबे को हटा दें जो हवा में उड़कर दुर्घटना का कारण बन सकता है ।

●वज्रपात पशुधन के लिए एक बड़ा खतरा है । आंधी के दौरान पशुधन अक्सर पेड़ों के नीचे इकट्ठा हो जाते हैं, और एक ही वज्रपात में कई जानवरों की जान जा सकती है । वज्रपात के दौरान जानवरों को आश्रय में ले जाना चाहिए । 


*व्रजपात के दौरान घर या कार्यस्थल पर हो तो क्या न करे*


●स्नान करने से बचें और बहते पानी से दूर रहें, क्योंकि बिजली धातु के पाइप में उतर सकती है ।

●दरवाजे, खिड़कियां, स्टोव, रेडिएटर्स, सिंक, बाथटब या किसी अन्य इलेक्ट्रिकल कंडक्टर से दूर रहे, इनका उपयोग एकदम ना करें । 

● बिजली के उपकरणों का उपयोग करने से बचें । 

व्रजपात के दौरान बाहर/खुले में हो तो क्या करें और क्या न करें।

●तुरंत सुरक्षित आश्रय पर जाएं। इमारते आश्रय के लिए, सर्वोत्तम हैं लेकिन यदि कोई इमारत उपलब्ध नहीं है, तो आप एक गुफा, खाई या एक घाटी में सुरक्षा पा सकते हैं ।

●यादि आपको कोई आश्रय नही मिल पा रहा है, तो क्षेत्र में उस दौरान वहां निर्मित सबसे ऊँचे निर्माण में शरण लेने से बचें।

● धातु की वस्तुओं और संरचनाओं से बचें।

●आपकी गर्दन या पीठ की त्वचा पर झुनझुनी होने लगें या बाल खड़े होने लगें तो समझे कि व्रजपात हो सकता है, तुरंत जमीन पर लेट जाय।

●जमीन पर सीधे न लेटे बल्कि सिमट कर गठरीनुमा आकार में लेटें । 

● फोन एवं बिजली के आदि से दूर रहें ।

●पानी से बाहर निकलें । यदि छोटी नाव आदि में है तो भी तुरन्त बाहर निकले ।

 ● पेड़ के नीचे कदापि शरण न लें क्योंकि लंबे पेड़ बिजली को आकर्षित करते हैं । 

●लोगों को भ्रम रहता है, कि रबर-सोल वाले जूते और कार के टायर बिजली से सुरक्षा प्रदान करते हैं, तो ये गलत है । रबर-सोल वाले जूते और कार के टायर बिजली से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं । 

व्रजपात के दौरान यदि यात्रा कर रहे हों तो क्या करें क्या न करें

● साइकिल, मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर आदि वाहनों से नीचे उतरें क्योंकि यह बिजली को आकर्षित कर सकते हैं ।

●एक सुरक्षित आश्रय में जाओ । 

●यदि नौका बिहार या तैराकी कर रहे हैं तो पानी से निकलकर जल्दी से जल्दी जमीन में पहुंचे और शरण लें।

●तूफान के दौरान, आपके वाहन में तब तक रहे जब तक मदद नहीं पहुंचती या तुफान गुजर नहीं जाता(धातु की) छत सुरक्षा प्रदान करेंगी यदि आप अंदर धातु को नहीं छू रहे हैं), खिड़कियों ऊपर होनी चाहिए । गाडी को पेड़ो और बिजली लाइनों से दूर पार्क करें । 

निम्नलिखित वज्रपात के दृष्टिकोण से खतरनाक है:- . ●बड़े पेड़ों वाले जंगलों के किनारे के भाग।

●खुले स्थानों पर स्थित खलिहान, छोटे चर्च, चौपाल, लकड़ी की गाड़िया, बॉच टॉवर, झोपड़िया आदि खतरनाक हो सकती है ।  

●विद्युत लाइनें व धातु संरचनाएं ।

●फ्लैग मास्ट, टीवी एंटीना मास्ट, पाइप या किसी भी वर्टिकल मेटल फिक्सचर के पास न जाएं ।

●झीलें और स्विमिंग पूल  

●गोल्फ कोर्स और अन्य खुले मैदान । यहां वज्रपात की संभावना अधिक होती है ।

●खड़ी चट्टानों और पहाड़ों का किनारा पहाड़ी की चोटी घाटी की तुलना में बिजली पहाड़ी से टकराती है । 

●व्रजपात की सुरक्षा के बिना नाव और टेंट।

●घोडे, साइकिल, मोटरसाइकिल या खुले ट्रैक्टर की सवारी करना । 

●धातु के औजार जैसे कुदाल, कुल्हाडी, छाता, धातु का झूला, बगीचे की धातु की कुर्सी, आदि ।

●खुले मैदान में या छोटे असुरक्षित कमरों में लोगों की सभाएँ।

●कार के नजदीक या बाहर खड़ा होना ।

●गैर-धातु वाले विमानों में उड़ान भरना ।


*वज्रपात सुरक्षा के उपाय:-*


बिजली की गतिविधि के दौरान सबसे सुरक्षित स्थान एक बड़ी और बन्द इमारत है, न कि पिकनिक शेल्टर या एक शेड। एक सुरक्षित भवन वह है जो छत, दीवारों और फर्श से पूरी तरह से घिरा हुआ है, जैसे कि घर स्कूल, कार्यालय भवन या शॉपिंग सेंटर ।

एसयूवी मिनीवैन, बस, ट्रैक्टर आदि भी कुछ हद तक सुरक्षित हो सकते हैं । यदि आप अपने वाहन में आश्रय चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि सभी दरवाजे बंद है, और खिड़किया बंद है । किसी भी धातु को न छुए ।

सुरक्षित आश्रय की तलाश करें जब आप पहली बार गडगडाहट सुनते है तथा अंधेरे व गरज वाले बादल देखते हैं । लम्बे - लम्बे वृक्षों के नीचे आश्रय न लें । पेड़ आपको सूखा रहने में मदद कर सकता है, लेकिन बिजली की चपेट में आने से आपके जोखिम को बढ़ा देगा। बारिश आपको नहीं मारेगी, लेकिन बिजली मार सकती है। धातु के औजार जैसे कुदाल, कुल्हाड़ी, छाता, धातु का झूला, बगीचे की धातु की कुर्सी छाते, कैची, चाकू, आदि जैसी धातु की वस्तुओं से निकटता से बचें । यदि आप सेंट एल्मो फायर (कोरोना डिस्चार्ज) को देखते या सुनते हैं तो यह खतरा काफी गंभीर है।आसमानी बिजली के झटके से घायल होने पर जरूरत के अनुसार व्यक्ति को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) यानी कृत्रिम श्वास देनी चाहिए एवं उन्हें तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र ले जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए । वज्रपात के दौरान अगर खुले स्थान पर हैं, तो दोनों पैरों और घुटनों को मोड़कर फर्श पर बैठे।

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