विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर ज्योति बाबा का नशा मुक्त आवाहन

 विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर ज्योति बाबा का नशा मुक्त आवाहन



स्वस्थ खुशहाल नशा मुक्त परिवार में छिपा मानसिक सेहत का मंत्र...ज्योति बाबा 


मानसिक रोग शक आपके व्यक्तित्व को उजाड़ देगा..ज्योति बाबा 


युवा शौक स्टेटस सिंबल बना नशा दिखाएगा आत्महत्या का द्वार..ज्योति बाबा 


नशा के कारण हर परिवार बना बना मनोरोगी..ज्योति बाबा


 हंसता मुस्कुराता व्यक्ति नशा के चलते जिंदगी के आनंद से हो रहा वंचित...ज्योति बाबा 

 

कानपुर/लखनऊ। आज समाज में नशा,मोबाइल और युवा प्यार का दायरा काफी बढ़ चुका है युवा नशा,गर्लफ्रेंड व नवीन मोबाइल को स्टेटस से जोड़ते हैं धीरे-धीरे यह सब आर्थिक स्थिति कमजोर करते हुए मानसिक सेहत खराब करते हैं और परिणाम स्वरूप तनाव,अवसाद,आत्महत्या करने की इच्छा जैसे मनोरोगों का जन्म होता है यदि उपचार समय पर नहीं मिला तो एक हंसता मुस्कुराता व्यक्ति जिंदगी के आनंद से वंचित हो जाता है इसीलिए कहा जाता है कि सकारात्मक दिनचर्या से ही खुशहाल जीवन प्राप्त किया जा सकता है उपरोक्त बात नशा मुक्त समाज आंदोलन अभियान कौशल के तहत सोसायटी योग ज्योति इंडिया व आम्रपाली ग्रुप आफ हॉस्पिटल्स के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के परिप्रेक्ष्य में आयोजित वेबीनार शीर्षक क्या नशा हमारी मानसिक सेहत के लिए कैंसर है पर अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख नशा मुक्त समाज आंदोलन के नेशनल ब्रांड एंबेस्डर योग गुरु ज्योति बाबा ने कही,ज्योति बाबा ने आगे कहा कि हर वर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस लोगों में मनोरोगों के प्रति जागरूकता हेतु मनाया जाता है इस वर्ष की थीम है सभी का मानसिक स्वास्थ्य वैश्विक प्राथमिकता है अगर हम अपने उत्तर प्रदेश की बात करें तो हमें अपने बच्चों को कुपोषण,नशा व प्रदूषण से बचाकर ही मनोरोगों से दूर कर सकते हैं बच्चों में तनाव का स्तर स्कूल डेज में ही चरम पर दिखाई पड़ रहा है जिसके चलते सर्वांगीण विकास की अवधारणा से हम कोसों दूर हो रहे हैं इसीलिए बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही भारतीय जीवनशैली अपनाने का सुखद माहौल हम सबको बनाने का सामूहिक प्रयास करना चाहिए। नशा मुक्त समाज आंदोलन अभियान कौशल के प्रदेश संरक्षक मनोज के गुप्ता ने कहा कि देश में युवा मनोरोगी कैंसर से ज्यादा खतरनाक बन चुके हैं क्योंकि एनसीआरबी के आंकड़ों में युवा जघन्य अपराधियों की संख्या गंभीरतम स्तर तक बढ़ चुकी है इससे पहले कि नशे में डूबा युवा मानसिक रोगों की देश में सुनामी लाए,हमें आजादी के आंदोलन की तरह नि:स्वार्थ ठोस जमीनी कार्य उनके उपचार हेतु करना होगा। आम्रपाली के निदेशक डॉ.श्याम सिंह ने कहा कि अनुशासित दिनचर्या रखते हुए हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि यदि जीवन में कुछ खराब हो रहा है तो आगे अच्छा भी होगा,इस तरह की सोच हर व्यक्ति को नशा मुक्त खुशहाल जिंदगी के लिए बनानी होगी।

रेलवे बोर्ड के सलाहकार सदस्य कमरुद्दीन उर्फ जुगनू एवं मानवाधिकारवादी गीता पाल ने संयुक्त रुप से कहा कि बदलते दौर में नशे की लत, गैजेट्स का अधिक प्रयोग और स्वस्थ जीवन शैली का प्रभाव युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य खराब कर रहा है। वेबीनार का संचालन बाराबंकी जिला प्रभारी सुमित राज व धन्यवाद जिला प्रभारी लखनऊ अनिल अग्रवाल ने दिया। अन्य प्रमुख नशा मुक्त स्वास्थ्य सैनिक औरैया से पारस दुबे,लखनऊ से मोनू रावत,मुंबई से रोनित निर्मलजीत राज जय किशन निषाद ऋषभ श्रीवास्तव,प्रदेश उपाध्यक्ष अंजु सिंह इत्यादि थी।

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