इंडियन बैंक प्रेमनगर के ग्राहक सेवा केंद्र बना ठगी का हब

 इंडियन बैंक प्रेमनगर के ग्राहक सेवा केंद्र बना ठगी का हब 



प्रेमनगर कस्बे में दर्जनों संचालित हैं ग्राहक सेवा केंद्र जिसके कारण बना ठगी का हब


फतेहपुर। जिले के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के प्रेमनगर में स्थित इण्डियन बैंक इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहा है। इसकी वजह प्रेमनगर में लगभग आधा दर्जन खुले हुए ग्राहक सेवा केंद्र हैं। इतना ही नहीं मोहम्मद पुर गौती ग्रामसभा में भी ग्राहक सेवा केंद्र संचालक लाखों रुपये का लोगों को चूना लगाकर फरार हो गया है। क्योंकि इनके संचालकों द्वारा खाता धारकों के साथ जमकर टप्पेबाजी की जाती है। खाता धारकों के खाते से कब पैसा निकल जाता है इसकी भनक तक नहीं लग पाती है। यह टप्पेबाजी का खेल काफी समय से तेजी से चल रहा है। प्रेमनगर, मोहम्मद पुर गौती व उसके आस पास के लोगों के बीच यह काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का ये भी मानना है कि प्रेमनगर में यूपी ग्रामीण बैंक भी खुला हुआ है। लेकिन इसमें अभी तक ऐसी कोई भी खाता धारकों के साथ टप्पेबाजी का मामला सामने नहीं आया है। लेकिन इण्डियन बैंक व इसकी ग्राहक सेवा केंद्रों पर खूब खाता धारकों के साथ यह खेल जारी है। वहीं लोगों का ये भी मानना है कि ग्राहक सेवा केंद्रों के संचालकों ने खाता धारकों के साथ नए नए तरीके अपनाकर उनके खाते से पैसा निकाल लेते है और इन लोगों को खबर तक नहीं लग पाती है। इतना ही नहीं लोगों का ये भी मानना है कि जब खाता धारक ग्राहक सेवा केंद्रों पर अपने खाते में अपना पैसा चेक करवाने जाते है तो इनके संचालक बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे को स्कैन कर लेते है। उसके बाद उनके खाते से पैसा निकाल लेते है और उसके बाद यह कह देते है कि अभी आपका पैसा आपके खाते में नहीं आया है। कुछ संचालक तो नई पासबुक बनवाने के नाम पर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे को स्कैन कर पैसा निकाल लेते है। जब कुछ दिन बाद खाता धारक दूसरे ग्राहक सेवा केंद्र पर अपना पैसा निकलवाने व चेक करवाने जाते है तो पता चलता है कि आपके खाते से पैसा निकल गया है तो जैसे ही इसकी जानकारी होती है तो ये खाताधारक शाखा प्रबंधक से शिकायत करते हैं।

*क्या कहते हैं शाखा प्रबंधक -*

तो वंही पर इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक आर. के. वर्मा ने बताया कि उपरोक्त बी.सी. संचालक हरिशंकर की आईडी / अथर्टी रद्द कर दी गयी है। आगे अगर किसी अन्य बी. सी. संचालको की शिकायत मिलती है तो कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

*क्या कहती हैं पीड़ित महिलाएं*


*पीड़ित कुसमा देवी*


पीड़ित कुसमा देवी निवासी मोहम्मद पुर गौती ने बताया कि मेरे पति ने मेरे खाता में 60,000 रुपये भेजे थे। जब मैं गांव में ही खुले इण्डियन बैंक की ग्राहक सेवा केंद्र पर 10,000 रुपये निकलवाने गई तो संचालक हरि शंकर ने बायोमेट्रिक मशीन पर मेरे अंगूठे को स्कैन करने के बाद मुझे पैसा दे दिया। दूसरे दिन भी मुझे 10,000 रुपये इसी तरह करके दे दिया। लेकिन कुछ दिन बाद जब मैं दूसरे केंद्र पर गयी पैसा निकलवाने तो पता चला कि आपके खाते से 40,000 रुपये निकल गए अब मेरे खाते में महज कुल 560 रुपये ही बचे।


*पीड़ित मानसी देवी*


वहीं पीड़ित मानसी ने बताया कि मैं भी मोहम्मदपुर गौती गांव की रहने वाली हूँ। इसी गांव में हरि शंकर नाम का आदमी इण्डियन बैंक की ग्राहक सेवा केंद्र चला रहा है। मेरे खाते में 7662 रुपये थे। जब मैं अपने खाते से 2000 रुपये निकलवाने गई तो ग्राहक सेवा केंद्र का संचालक हरि शंकर ने पैसा देने से इनकार कर रहा था यह कहकर कि आपके खाते में पैसा नहीं है। जब मैंने उससे कहा कि अभी मेरे खाते में 7662 रुपये है। तब उसने भी मुझसे बायोमेट्रिक मशीन पर मेरे अंगूठे को स्कैन करके मुझे 2000 रुपये दे दिए। लेकिन कुछ दिन बाद जब मैं फिर से दूसरे ग्राहक सेवा केंद्र पर पैसा निकलवाने गई तो पता चला कि मेरे खाते में महज 29 रुपये ही बचे।


*पीड़िता कुसमा देवी*


पीड़िता कुसमा देवी पत्नी कल्लु निवासिनी बंशी पुर ने बताया कि मैंने इंडियन बैंक के बगल में खुले ग्राहक सेवा केंद्र संचालक पवन कुमार के यंहा से लेन देंन करता थी । जिसमें की मेरे खाते में 1 लाख  25 हजार आवास का पैसा आया था। और मेरे पति भी शहर से 80 हजार खाते में डाले थे, ज़ब मुझे पैसो कि जरूरत पड़ती निकाल लेती थी मेरे खाते में कुल शेष रकम 63 हजार थी, जिसमें मैंने 23 हजार निकाला था बची शेष रकम गायब हो गयी। ज़ब मेरे घर के आये जाँच कराया और तभी हमको जानकारी मिली की हमारा पैसा निकल गया। और ग्राहक सेवा केंद्र वाले से पूंछने व दबाव बनाने पर बताया की मुझे अपनी चार पहिया गाड़ी की किस्त देना था, इसलिए मैंने निकाल लिया है।अब वो पैसा नहीं दें रहा है।


*पीड़ित महिला कलुई देवी*


पीड़ित कलुई देवी निवासिनी रहिमुआ पुर मजरा शोहदमऊ ने बताया कि मैं इण्डियन बैंक प्रेमनगर की ग्राहक सेवा केंद्र मैं अपना पैसा चेक करवाने गई तो केंद्र संचालक ने पासबुक को बदलवाने के नाम पर बायोमेट्रिक मशीन पर मेरा अंगूठा लगवा लिया और कहा कि जल्द ही आपकी नई पासबुक मिल जाएगी। उसके कुछ दिन बाद जब मैं अपनी पासबुक लेने गई तो उन्होंने मेरे पासबुक में पेन से 10056 रुपये चढ़ा दिया। कुछ दिन बाद जब मुझे पैसों की जरूरत पड़ी तो मैं दूसरे ग्राहक सेवा केंद्र गई तो पता चला कि मेरे खाते से 10000 हजार रुपये निकल गए। काफी कड़ी मशक्कत व शिकवा शिकायत के बाद जिसने  पासबुक बदलने के लिए कहा था उसके बाद उसने पूरा पैसा मेरे खाते में डाल दिया। 

हालांकि पीड़ितों का ये भी कहना है कि सिर्फ हम लोग ही नहीं ठगी का शिकार हुए है। बल्कि ऐसे दर्जनों लोग है जो ठगी का शिकार हो चुके है।और इन संचालको के पास आय से अधिक सम्पति भी हों चुकी है, इनकी भी जाँच होनी चाहिए। और उधर गौती के ग्राहक सेवा केंद्र बंद करके फरार हो गया है।

कार्यवाही के नाम पर होती है खानापूर्ति अभी कुछ महीने बीते में अफोई से एक ग्राहक सेवा केंद्र इसी क्षेत्र का करोड़ो रुपया लेकर चमप्त हों गया जिसकी प्रशासन को भनक तक नहीं लगी।

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