जनपद न्यायाधीश ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का किया शुभारंभ

 जनपद न्यायाधीश ने  मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत का किया शुभारंभ 



फतेहपुर।सचिव(पूर्ण कालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि  द्वितीय शनिवार को  उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कोविड-19 के दिशा निर्देशो का पालन करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन रणंजय कुमार वर्मा, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फतेहपुर के कर कमलो द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ माॅं सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। 

रणंजय कुमार वर्मा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फतेहपुर के दिशा निर्देशन एवं श्रीमती रोमा गुप्ता सचिव (पूर्ण कालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन आज दीवानी न्यायालय परिसर, फतेहपुर में किया गया।

जनपद न्यायाधीश द्वारा सभी न्यायिक अधिकारीगण को सम्बोधित किया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में लघु वादों को अधिकाधिक संख्या में निस्तारण करे, अर्थदण्ड आरोपित करते समय व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखना होगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद धारा 138 परक्रम्य लिखत अधिनियम, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना वाद, वैवाहिक वाद, श्रम वाद, भूमि अधिग्रहण वाद, विद्युत एवं जल विल विवाद, ई-चालान, वेतन भत्तों एवं सेवा निवृत्ति लाभो से सम्बन्धित सेवा प्रकरण राजस्व वाद, आर्बीट्रेशन के निष्पादन वाद, अन्य दीवानी वाद, सुलह समझौता/संस्वीकृति के आधार पर निस्तारण किया जाता है। आप सभी से अपेक्षा है कि हम पूर्व की भाॅति अधिकाधिक संख्या में वादो का निस्तारण किया जाए। जिससे हमारा जनपद फतेहपुर प्रदेश स्तर पर गरिमामयी स्थिति में बना रहे। 

आज दीवानी न्यायालय फतेहपुर, बाहृय न्यायालय खागा व बिन्दकी, कलेक्ट्रेट फतेहपुर, समस्त तहसील, समस्त नगर पालिका एवं समस्त नगर पंचायत जनपद श्रम कार्यालय फतेहपुर, समस्त विद्युत वितरण खण्ड फतेहपुर, दूर संचार कार्यालय, समस्त बैंक आदि द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

उपरोक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश द्वारा कुल 03 वाद का निस्तारण करते हुए 339359 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। राजेश्वर शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय के द्वारा 45 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया एवं सुश्री मंजुला सरकार, अपर प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, फतेहपुर द्वारा 15 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। डा० बाल मुकुंद, पीठासीन अधिकारी, मोटर वाहन दुर्घटना न्यायाधिकरण, फतेहपुर द्वारा  111 मोटर दुर्घटना याचिकाओं का निस्तारण करते हुए 52823574 रु० का प्रतिकर दिलाया गया। राजेन्द्र सिंह चतुर्थ, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं०1 द्वारा 04 वाद का निस्तारण करते हुये 500 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। पृथ्वी पाल यादव, विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम द्वारा 8 वादों का निस्तारण करते हुए 2500 रू0 अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। अखिलेश कुमार पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं० 3 द्वारा 03 वादों का निस्तारण करते हुये 228601 रु0 अर्थदण्ड जमा कराया गया।

मोहम्मद अहमद खान विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत द्वारा 03 वाद का निस्तारण किया गया। प्रमोद कुमार गंगवार, विशेष न्यायाधीश विधुत अधिनियम द्वारा 117 वादों का निस्तारण करते हुये 530200/रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  विनोद कुमार चैरसिया, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट न0-04 द्वारा 01 वाद का निस्तारण करते हुये 100 अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। रविकान्त द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पाक्सो कोर्ट प्रथम द्वारा 02 वादो का निस्तारण करते हुए 283415 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  अनिल कुमार टप्, अपर जिला एव सत्र न्यायाधीश कोर्ट न0 06 द्वारा 02 वादों का निस्तारण किया गया। मो0 जुनैद मुजफ्फर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट 5 द्वारा 01 वाद का निस्तारण किया गया। विनय तिवारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट न0 02 द्वारा 03 वादों का निस्तारण किया गया। श्रीमती अपर्णा त्रिपाठी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एफ.टी.सी. द्वितीय द्वारा 04 वादो का निस्तारण करते हुये 11500/रुपये प्रतिकर दिलाया गया। बृजमोहन गुप्ता अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत द्वारा 01 वाद का निस्तारण करते हुये 2034/- रुपये प्रतिकर दिलाया गया। 

श्रीमती मंजू कुमारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, द्वारा 1600 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 362779/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  राजबाबू, सिविल जज सीनियर डिवीजन द्वारा 38 सिविल वादों का निस्तारण करते हुए 20392961 रू० के उत्तराधिकार के प्रमाण पत्र जारी किये गये। श्रीमती अनुराधा शुक्ला, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नं० प्रथम द्वारा 1007 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 140898 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। महेन्द्र कुमार पासवान, सिविल जज (सी०डि०)एफ0टी0सी0 द्वारा 615 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए रू० 84136/- अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। अनुपम कुशवाहा, न्यायिक मजिस्ट्रेट, द्वारा 69 वादों का निस्तारण करते हुए 37000 रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। श्रीमती अमीय भाषनी, अपर सिविल जज जू.डि. कोर्ट न. 03 द्वारा 137  वादो का निस्तारण करते हुए 132700/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  रजत कुमार यादव, अपर सिविल जज जू.डि. कोर्ट न. 04 द्वारा 707 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 66089/-  रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। श्रीमती नन्दनी उपाध्याय, अपर सिविल जज जू.डि. कोर्ट न. 07 द्वारा 192 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 35800/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। रोहित शाही, अपर सिविल जज(जू०डि०) कोर्ट नं०1 द्वारा  531 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 44445/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। अरुण यादव, अपर सिविल जज(जू०डि०) कोर्ट नं०2 द्वारा 887 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 63805/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  मनोज कुमार भास्कर, अपर सिविल जज(जू०डि०) कोर्ट नं०6 द्वारा 717 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 96214/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। अभिषेक कुमार, अपर सिविल जज(जू०डि०) कोर्ट नं०5 द्वारा 161 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 51600/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। सुश्री प्रीति यादव, सिविल जज (जू०डि०/एफ०टी०सी०) महिला हिंसा अधिनियम द्वारा 172 वादों का निस्तारण करते हुए 88900/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया। विशाल शर्मा, सिविल जज (जू०डि०/एफ०टी०सी०) द्वारा 234 वादों का निस्तारण करते हुए 2351613/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।आदित्य रंजन, सिविल जज(जू०डि) खागा, द्वारा 1774 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 688732/- रू० अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  रत्नशेखर निर्मल, ग्राम न्यायालय बिन्दकी द्वारा 2735 दाण्डिक वादों का निस्तारण करते हुए 12479/-रू0 अर्थदण्ड के रूप में जमा कराया गया।  शफकत अली, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 05 वादों का निस्तारण करते हुए 1500 रू0 अर्थदण्ड जमा कराया गया।  

जनपद फतेहपुर के उप जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 1942 वादो का निस्तारण करते हुये 239000 रु0 अर्थदण्ड के रुप में जमा कराया गया। राजस्व न्यायालयों द्वारा कुल 758 राजस्व वाद, 89 चकबन्दी वादों का निस्तारण किया गया। नगर पालिका परिषद द्वारा 1718 प्रकरणों का निस्तारण कर 222000 रू० जमा कराये गये। बैंकिंग संस्थानों द्वारा 1412 वादो का निस्तारण करते हुये 93495000 रूपये वसूल किया गया। विद्युत विभाग द्वारा 1022 प्रकरणों का निस्तारण करते हुये 996770/- रू0 शुल्क वसूला गया। श्रम विभाग द्वारा 403 वादों का निस्तारण करते हुये 11703410/-रु0 अर्थदण्ड के रुप में जमा कराया गया। दूर संचार विभाग द्वारा कुल 123 वादो का निस्तारण करते हुये 152266 रु0 जमा कराये गये।

इस प्रकार उपरोक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 60304 वादों का निस्तारण कर 1967006376/ रू० अर्थदण्ड वसूल किया गया। 

अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  जनपद न्यायाधीश  रणंजय कुमार वर्मा एवं समस्त न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारीगण, अधिवक्ताओं, जिला बार एसोसिएशन, फतेहपुर के अध्यक्ष व सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फतेहपुर एवम मीडियाकर्मियों को लोक अदालत को सफल बनाने एवम सहयोग करने हेतु हार्दिक आभार व्यक्त किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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