महिलाओं में मोटापा

 महिलाओं में मोटापा



बढ़ा रहा कई समस्याएं


जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन मोटापा से

परेशान 8-10 ले रही चिकित्सक से सलाह


फतेहपुर।मोटापा एक ऐसी गंभीर समस्या है जिसकी

अधिकता होने से हर उम्र में परेशानी होती है।बचपन में इससे जहां कुपोषण, मानसिक विकार,उच्च रक्तचाप और दिल का दौरा पड़ने जैसी समस्या

होती है वहीं महिलाओं में अनियमित मासिक,

गर्भपात और बांझपन जैसी समस्या से भी जूझना

पड़ता है। यह कहना है जिला महिला चिकित्सालय

के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ पीके गुप्ता का। उन्होंने

बताया कि जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन

मोटापा से परेशान 8-10 महिलाएं चिकित्सक से

सलाह ले रही हैं।

डॉ. गुप्ता के अनुसार महिलाओं में हार्मोन असंतुलन के कारण अक्सर कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ने लगता है। इससे महिलाओं का मोटा होना आम समस्या है।

इसके अलावा जंकफूड या फास्टफूड भी महिलाओं

का बढ़ाता है। इससे धीरे-धीरे उनकी सेहत भी

खराब होने लगती है।

उन्होंने बताया कि आजकल थायराइड से भी

मोटापे बढ़ने के मामले दिख रहे हैं। इस मोटापे से

महिलाओं को हाई ब्लड प्रेशर हो जाता है। 

इससे दिल का दौरा पड़ने के मामले भी काफी बढ़ रहे हैं।

मोटापा जहां मासिक चक्र को प्रभावित करता है

वहीं गर्भधारण के पहले और बाद में कई समस्याएं

करता है। मोटापे से कई बार तो समय से पहले

प्रसव का खतरा और बाझपन की समस्या भी हो

जाती है।


क्या करें -


मोटापा कम करने के लिए संतुलित आहार लेना

चाहिए। भोजन पेट भर कर नहीं बल्कि नियमित

अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा भोजन करना चाहिए।

ज्यादा मसालेदार और मीठे आहारों के सेवन से

बचना चाहिए। मोटापा बढ़ाने में चीनी का काफी हाथ होता है। आहार में ताजे फलों और सब्जियां,अंकुरित अनाज और गर्म दूध का सेवन करना चाहिए। मक्खन, मलाई या पनीर आदि के अधिक सेवन से बचना चाहिए। सुबह उठते ही नीबू के साथ एक या दो गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए। इससे मेटाबॉलिक सिस्टम सही से काम करने में मदद मिलेगी। 24 घंटे में कम से कम 15

मिनट कोई ऐसी कसरत जरूर करनी चाहिए

जिससे पसीना निकले।

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