शोभा यात्रा निकासी में जुटी भारी भीड़---- मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम तथा अहंकारी रावण का दल निकाला
शोभा यात्रा निकासी जुटी भारी भीड़
---- मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम तथा अहंकारी रावण का दल निकाला

लगभग 530 वर्ष पुरानी रामलीला का हुआ शुभारंभ।

इस ऐतिहासिक रामलीला में स्वरूपों का निर्माण काष्ठ और तिरनई से होता है संपादित।

10 दिवसीय रामलीला को देखने के लिए सुदूर क्षेत्र से आते है लोग।
 बिंदकी फतेहपुर


ऐतिहासिक खजुहा  कस्बे के रामलीला बिंदकी तहसील के अंतर्गत  राम जानकी पंचायती ठाकुर द्वारा से संचालित होता है। रविवार की शाम को विशाल शोभायात्रा निकली हुई है जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम का दल लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न हनुमान सुग्रीव अंगद जामवंत नल नील केसरी निकले वहीं दूसरी ओर अहंकारी रावण मेघनंद कुंभकरण खरदूषण सहित तमाम सुना रही शोभायात्रा निकासी का शुभारंभ मर्यादा पुरुषेर राम लक्ष्मण की पूजा अर्चना से प्रारंभ हुई यह मेला 10 दिन तक चलने वाली यह रामलीला का शुभारंभ दशहरे के दिन से होता है जब पूरे भारत में दशहरे को रावण का वध होता है तब इस कस्बे में दशहरे के दिन गणेश पूजन से रामलीला का शुभारंभ होता है आपको बताते चले की रामलीला के पहले दिन गणेश पूजन दूसरे दिन कैकेई वरदान, तीसरे दिन  राम वन गमन  चौथे दिन सीता हरण, पांचवें दिन सीता की खोज में निकले मर्यादा पुरुषोत्तम राम द्वारा बालि का बध , छठवें दिन चूड़ामणि लीला सातवें दिन राम और रावण के स्वरूपों की निकासी के साथ आठवें दिन राम और रावण के बीच युद्ध की लीला संपन्न होती है राम और रावण के युद्ध की लीला के बीच लक्ष्मण शक्ति इस मेले का मुख्य आकर्षण होती है कहा जाता है इस मेले में  लक्ष्मण शक्ति वास्तव में लगती है। इस मेले में चलायमान स्वरूप भारत ही नहीं बल्कि एशिया में कहीं भी देखने को नहीं मिलते यही कारण है कि यह मेला अपनी भव्यता विशालता के कारण सुविख्यात है।
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