शहरी परियोजना की 150 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को गूगल रीड अलोग एप्प के माध्यम से क्रियान्वयन हेतु किया गया प्रशिक्षित

 शहरी परियोजना की 150 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को गूगल रीड अलोग एप्प  के माध्यम से क्रियान्वयन हेतु किया गया प्रशिक्षित




फतेहपुर।शालापूर्व  प्राथमिक शिक्षा  एवं डिजिटल साक्षरता गूगल रीड अलांग समेत स्वास्थ्य पोषण को बेहतर बनाने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किया गया।

जीवन प्रथम 1000 दिनों के दौरान संवेदनशील परवरिश से ही संभव है भारत की नई पीढ़ी का  बेहतर बौद्धिक एवं मानसिक विकास अनुभव गर्ग  जिला कार्यक्रम समन्वयक 

आज  दिनांक 9 फरवरी 2024 को आकांक्षी जनपद  फतेहपुर में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के द्वारा पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से जिला कार्यक्रम अधिकारी  साहब यादव के नेतृत्व में आई सी डी एस शहरी परियोजना की 150  आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को  गूगल रीड अलोंग एप्प के माध्यम से पूर्व प्राथमिक शिक्षा के क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षित  किया गया। इस प्रशिक्षण में पीरामल फाउंडेशन की ओर से जिला समन्वयक रोहिणी राय द्वारा स्कूल पूर्व शिक्षा को बेहतर बनाने हेतु गूगल रीड अलांग एप्प  के बारे में  आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं आंगनवाड़ी सुपरवाइजर को मोबाईल आधारित पूर्व प्राथमिक शिक्षा की तकनीक से विस्तृत रूप से सभी का परिचय कराया व  प्रशिक्षित किया गया। सभी आंगनबाड़ी को बेहतर तरीके से बच्चों की भाषा कौशल को बेहतर बनाने हेतु प्रयास करने के लिए गूगल रीड अलांग एप्लीकेशन में 9 भाषाओं में हजारों कहानियां के माध्यम से पढ़ कर सुन कर देख कर बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र और घर पर बेहतर शिक्षा देने हेतु प्रोत्साहित किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य बच्चों को उम्र के अनुसार बेहतर शिक्षा हेतु निपुण किया जाना है । जिसके लिए प्रशिक्षण के दौरान  पीरामल फाउंडेशन के कार्यक्रम समन्वयक  अनवर खान ने  गर्भावस्थां से लेकर 6 वर्ष की आयु तक बेहतर स्वास्थ्य व् पोषण को इस उम्र की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया उन्होंने अपने सत्र के दौरान  एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी के रोकथाम के लिए विस्तार पूर्वक चर्चा की  साथ ही  एनीमिया से बचाव के तरीके भी बताएं।प्रशिक्षण में सहयोगी संस्था वैन लीर फाउंडेशन के जिला समन्वयक ( वी एल एफ) के  अनुभव गर्ग द्वारा जीवन प्रथम 1000 दिनों के दौरान संवेदनशील परवरिश   महत्त्व बताते हुए बताया की  भारत की नई पीढ़ी का  बेहतर बौद्धिक एवं मानसिक विकास  जीवन के प्रथम 1000 दिनों में की गई बेहतर संवेदन शील परवरिश से ही संभव है , साथ ही बाल्यावस्था में होने वाले विकास के पड़ावों के  बारे में विस्तार से  जानकारी दी। बैठक में  बाल विकास पुष्टाहार विभाग की सेक्टर पर्यवेक्षक  मधु गुप्ता,  पीरामल फाउंडेशन के गांधी फेलो, अक्षय,अनुप्रिया एवं ऐश्वर्या आदि उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शृंखला में आकांक्षी जनपद के 14 बाल विकास परियोजनाओं के 101 सेक्टर में लगभग 2900 से अधिक आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 14  प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है I

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