डाॅ0 भीमराव आम्बेडकर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय डॉ0 राजेश कुमार यादव ने प्राचार्य पद पर किया कार्यभार ग्रहण
फतेहपुर डॉ0 राजेश कुमार यादव ने डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय फतेहपुर में प्राचार्य पद पर कार्यभार ग्रहण किया। उत्तर प्रदेश शासन ने पूर्व प्राचार्य डॉ. गुलशन सक्सेना के स्थानांतरण के उपरांत डॉ0 राजेश कुमार यादव की नियुक्ति महाविद्यालय में प्राचार्य पद पर की थी। प्राचार्य ने कार्यभार ग्रहण करने पर प्रेसवार्ता की, जिसमें उन्होंने महाविद्यालय से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। इस प्रेसवार्ता का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय से संबंधित कई मुद्दों को सार्वजनिक करना और उन पर प्रकाश डालना था। संक्षेप में, प्रेसवार्ता में प्राचार्य ने निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा की एवं महाविद्यालय की समस्याओं और चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
प्राचार्य ने महाविद्यालय के सामने आ रहीं कुछ समस्याओं और चुनौतियों का उल्लेख किया, जिससे मीडिया को अवगत कराना आवश्यक था। मुख्य रूप से महाविद्यालय के संपर्क मार्ग पर खड़े किये जा रहे वाहनों का जिक्र किया जिनसे महाविद्यालय तक आवागमन अवरुद्ध रहता है और छात्राओं को काफी दिक्कत होती है।
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कीः
प्राचार्य डाॅ0 यादव ने महाविद्यालय के विकास और सुधार के लिए अपनी योजनाओं और दृष्टिकोण को साझा किया, जिससे छात्राओं और अभिवावकों को भविष्य की दिशा का पता चल सके। साथ ही उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, एनसीसी, एनएसएस, रेंजर्स, स्मार्ट क्लासेज, क्रीड़ा मैदान सहित कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। सभी शिक्षक लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित हैं एवं अपने-अपने विषय में पारंगत हैं। महाविद्यालय में छात्राओं का चहुमुंखी विकास होगा। प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। अभी विभिन्न कोर्सेज में प्रवेश के लिए सीटें उपलब्ध हैं, किन्तु सीटें भर जाने पर छात्राएं प्रवेश से वंचित रह जायेंगी। अतः छात्राएं अति शीघ्र प्रवेश ले लें।
छात्राओं, अभिवावकों, जन प्रतिनिधियों एवं मीडिया के लिए अपीलः
प्राचार्य ने छात्राओं, अभिवावकों, जन प्रतिनिधियों एवं मीडिया से सहयोग और समर्थन की अपील की, ताकि महाविद्यालय को और बेहतर बनाया जा सके। यह प्रेसवार्ता महाविद्यालय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इससे प्राचार्य ने अपनी बात छात्राओं एवं आम जनमानस तक पहुंचाई और कॉलेज के विकास में सभी को भागीदार बनाने का प्रयास किया।