जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर व्याख्यान रिपोर्ट
फतेहपुर।महाविद्यालय में "वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण" विषय पर ऑनलाइन माध्यम" से एक प्रेरणादायक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का संचालन डॉ. राज कुमार (सहायक प्रोफेसर, जंतु विज्ञान) एवं प्रभारी, जल संचयन प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने व्याख्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसमूह को जल संरक्षण की आवश्यकता और इसकी व्यवहारिक पहलुओं पर चिंतन करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. राज कुमार ने अपने व्याख्यान में वर्षा जल संचयन की विधियों, उसके वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व तथा भारतीय परिप्रेक्ष्य में इसके सामाजिक प्रभावों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि जल संकट एक वैश्विक समस्या बनता जा रहा है और इसका समाधान हमें स्थानीय स्तर पर, सामूहिक सहभागिता द्वारा ही करना होगा। उन्होंने वर्षा जल को संरक्षित करने के पारंपरिक और आधुनिक उपायों की जानकारी दी तथा जल प्रबंधन में युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण और छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने विषय के प्रति गहरी रुचि दिखाई और जल संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी पूछे, जिनका उत्तर डॉ. राज कुमार ने विस्तारपूर्वक दिया। अंत में प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव ने जल संचयन प्रकोष्ठ की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने में सहायक होते हैं और उन्होंने भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों को महाविद्यालय में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। यह व्याख्यान न केवल ज्ञानवर्धक था, बल्कि यह विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक बनने की दिशा में एक प्रेरक पहल भी सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में प्रो० शकुंतला, प्रो० प्रशांत द्विवेदी, शरद चंद्र राय, डॉ० चारु मिश्रा, डॉ० मधुलिका श्रीवास्तव, डॉ० ज्योति, डॉ० जिया तस्नीम, डॉ० बृजेश कुमार पाल,आनंद नाथ सहित समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।