स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया सबसे पहले किसे देंगे कोरोना वैक्‍सीन

नई दिल्ली,  कोरोना वायरस वैक्‍सीन के मिलने की उम्‍मीद जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे-वैसे लोगों की उत्‍सुकता भी बढ़ रही है। अब लोग ये जानना चाहते हैं कि वैक्‍सीन कब तक तैयार होकर लोगों तक पहुंचना शुरू हो जाएगी। मोदी सरकार ने लोगों को कोरोना वैक्‍सीन देने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉक्‍टर हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने हाल ही में बताया कि किन लोगों को कोरोना वायरस की वैक्‍सीन पहले दी जाएगी और क्‍यों?


स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने बताया कि वैक्‍सीन के क्षेत्र में हम तेजी से काम कर रहे हैं। भारत वैक्‍सीन को बनाने में विश्‍व के किसी भी देश से पीछे नहीं हैं। अगले साल 2021 की शुरुआत में भारत में वैक्सीन लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगी। साथ ही उन्‍होंने बताया कि कोरोना वैक्‍सीन जब बनकर तैयार हो जाएगी, तो सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों और बुजुर्गों (65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों) को प्राथमिकता दी जाएगी।


हर्षवर्धन ने कहा कि अगले साल जुलाई-अगस्त तक 40-50 करोड़ खुराक उपलब्ध होंगी। इनके वितरण की भी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा, 'मौजूदा हालात और वायरस की मारक क्षमता को देखते यह निर्णय लिया गया है कि सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मी यानि कोरोना वॉरियर्स को टीका दिया जाएगा। इसके बाद 65 साल से अधिक आयु के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। फिर 50-65 साल की आयु वाले लोगों को वैक्‍सीन दी जाएगी।'



किसको पहले वैक्‍सीन दी जाएगी, इसका निर्णय कैसे लिया गया? इसके जवाब में हर्षवर्धन ने कहा कि यह विशेषज्ञों द्वारा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से फैसला किया जा रहा है। हमने इसको लेकर पूरी योजना तैयार कर ली है। अगले साल मार्च-अप्रैल में हमें क्या करना है, हमने अभी से ही इसकी योजना बनानी शुरू कर दी है।


बता दें कि भारत में गुरुवार को कोरोना वायरस से संक्रमण के 45,576 नए मामले सामने आने से कुल संख्या बढ़कर 89,58,483 हो गई है। ऐसे में जब तक कोरोना की वैक्‍सीन नहीं बन जाती है, तब तक बचाव ही इसका उपाय है। हर्षवर्धन ने बताया कि लोगों को मास्‍क और शारीरिक दूरी को पूरा ध्‍यान रखना चाहिए। लगातार हाथ धोते रहना चाहिए। तभी इस जानलेवा वायस से बचा जा सकता है।