वाराणसी जिला जज उमेश चंद्र शर्मा को अधिवक्ताओं ने दी विदाई


 वाराणसी जिला जज उमेश चंद्र शर्मा को अधिवक्ताओं ने दी विदाई 


वाराणसी। भीड़ में खोने के बजाय चेहरा व व्यक्तित्व अलग होना चाहिए, भीड़ में खोने पर चेहरा सामने नही आता। दूसरो के प्रति नरम व मुलायम रहने और ईर्ष्या भावना नही रखने पर ईश्वर भी उसकी मदद करता है। किसी को घमंड नही करना चाहिए क्योंकि रूप ज्ञान पैसा सब यही रह जाता है। जिला जज उमेश चंद्र शर्मा का स्थानांतरण इटावा जिला जज पद पर होने पर शनिवार को जिला जज चैंबर में आयोजित विदाई समारोह में जिला जज ने शनिवार को व्यक्त किया। कार्यक्रम का आयोजन और संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी अनुज यादव ने किया। 

इस दौरान अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए जिला जज उमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि मेरा कोई गाड फादर नहीं है, जो भी मुझे सम्मान मिला मेरे कार्यप्रणाली पर मिला है। मै रात रात जागकर फाइले तैयार करता था, कहा कि बार और बेच में कभी कड़वाहट नहीं होनी चाहिए। तभी सुचारू रूप से कचहरी चलती है। 

इस मौके पर सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रेमशंकर पांडेय, बनारस बार के अध्यक्ष मोहन सिंह यादव, नूर फातिमा, राममूरत यादव, विकास सिंह, वरिष्‍ठ उपाध्यक्ष कृपाशंकर सिंह, वरूण प्रताप सिंह, उमाकांत यादव, विकास यादव, डीएन यादव, विधान यादव, रियाजुद्दीन ऊर्फ बंटी खान, नरेस यादव, मनीष राय, धर्मेंद्र यादव सहित विधिक पत्रकार अमरेंद्र तिवारी, घनश्याम मिश्र, विरेन्द्र सिंह, मनोज तिवारी, फरहान अहमद आदि लोग मौजूद रहें।

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