मोरम माफिया ने लूट का नया टार्गेट चुना

 मोरम माफिया ने लूट का नया टार्गेट चुना



अवैध खनन के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरु


फतेहपुर।जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र के लमेहटा गांव में यमुना तट पर कई वर्षों से जमा अरबों रुपयों की कीमत के लाल सोने (मोरम) को लूटने का माफिया ने पूरा प्लान बना लिया है.इस लूट में सत्ता और संगठन के लोग भी नेपथ्य में शामिल बताये जा रहे हैं. जिम्मेदार अधिकारियों की किसी भी कीमत पर मौन सहमति का इंतजार है.एक सप्ताह पूर्व लखनऊ और फतेहपुर के नम्बरों वाली महंगी लक्जरी कारों से माल तक पहुंचने और सुगमता से लोड कर निकलने के रास्ते की स्थिति का आकलन किया गया. शुक्रवार की रात दो पोकलेन जेसीबी मशीनें मोरम घाट तक पहुँच बनाने के काम में भी लग गयी हैं. माफिया की योजना है कि जब तक शासन और सरकार तक इस लूट की खबर पहुंचे दो-तीन हफ्ते में ही घाट से हजारों ट्रक मोरम निकाल कर डम्पर कर ली जाय और खनन विभाग से मिलकर डम्प की नीलामी हथिया कर चांदी काटी जाये. लमेहटा के निवर्तमान प्रधान संजय सिंह ने बताया कि जैसे ही उनके कार्यकाल की 25 दिसम्बर को समाप्ति हुई हरकत में आये माफिया के दो गुर्गों द्वारा उन्हे इस खेल से दूर रहने की ताकीद        करते हुए धमकी दी गयी है कि खेल अगर बिगाडा़ तो  तुम्हारा खेल खत्म कर दिया जायेगा. बताया कि पूरे मामले की जानकारी उन्होने अधिकारियो को दे दी है. माननीयों , माफियाओं और अधिकारियों के इस संगम से करोडो़ के सरकारी राजस्व की लूट का खेल किसी भी दिन या रात के अंधेरे में शुरू हो सकता है. बिना पट्टा, बिना रायल्टी और बिना एनजीटी की एन ओ सी प्राप्त किये मोरम खनन की छूट और लूट में कौन कौन से किरदार पर्दे के पीछे हैं? इसको जानने के लिये थोडी़ प्रतीक्षा करनी होगी।