प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवक-युवतियों के आर्थिक उत्थान के लिए संचालित की विभिन्न योजनाएं ।

 प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवक-युवतियों के आर्थिक उत्थान के लिए संचालित की विभिन्न योजनाएं ।


 फतेहपुर  01 जनवरी 2021,

  जिला समाज कल्याण अधिकारी के0एस0 मिश्र  ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवक एवं युवतियों के आर्थिक उत्थान हेतु उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्होंने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना में अपना रोजगार संचालन हेतु न्यूनतम रुपए 20000 एवं अधिकतम रुपए 1500000 परियोजना लागत के अनुसार कृषि एवं अकृषि क्षेत्र की परियोजनाओं में बैंक के सहयोग से ऋण प्रदान किया जाता है, योजना अंतर्गत रुपए 10000 शासकीय अनुदान एवं परियोजना लागत का 25% मार्जिन मनी ऋण 4% वार्षिक ब्याज दर पर निगम द्वारा तथा शेष धनराशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजना में अपनी स्वयं की व्यवसाय एवं विकसित स्थल पर उपलब्ध भूमि पर दुकान निर्माण कराने हेतु रुपए 78000 की लागत निर्धारित है योजना अंतर्गत रुपये 10000 शासकीय अनुदान तथा रुपए 68000 की धनराशि सीधे विभाग द्वारा ब्याज मुक्त ऋण के रूप में लाभार्थी को बैंक खाते के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है, ब्याज मुक्त ऋण की अदायिगी 120 मासिक किश्तों में 10 वर्षों में की जाती है। अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के लिए लॉन्ड्री एवं ड्राईक्लीनिंग योजना जिसकी लागत रुपये 2.16 एवं 1 लाख निर्धारित है योजना अंतर्गत रुपए 10000 शासकीय अनुदान तथा रुपए 2.06 अथवा 0.90 लाख की धनराशि सीधे विभाग द्वारा ब्याज मुक्त ऋण के रूप में लाभार्थी को बैंक खाते के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है ब्याज मुक्त ऋण की अदायगी समान मासिक किस्तों में 5 वर्षों में की जाती है। टेलरिंग शॉप योजना में अनुसूचित जाति के युवक/युवतियों को उद्यमी बनाकर स्वावलंबी बनाया जाने हेतु जनपद के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जनपद के व्यक्तियों को इस नवीन योजना से आच्छादित किया जाएगा, समाज कल्याण विभाग द्वारा परिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने वाली महिलाओं को वरीयता प्रदान किया जाएगा, योजना की अधिकतम परियोजना लागत रु 20,000 है, जिसमें ₹10000 अनुदान तथा शेष धनराशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में विशेष केंद्रीय सहायता से दी जाएगी ऋण की अदायगी 36 समान मासिक किस्तों में 3 वर्षों में की जाएगी। उन्होंने बताया कि उक्त योजना अंतर्गत ऋण प्राप्त किए जाने हेतु लाभार्थी अनुसूचित जाति का व्यक्त हो, गरीबी रेखा की सीमा ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम आय पर 46080 तथा शहरी क्षेत्र में रुपए 56460 होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उक्त योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थी अपने संबंधित विकासखंड में कार्यरत सहायक/ग्राम विकास अधिकारी एवं नगर पालिका/नगर पंचायत क्षेत्र के इच्छुक अभ्यर्थी कार्यालय जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास)/पदेन जिला प्रबंधक, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड विकास भवन  के कार्यालय एवं संबंधित विकास खंड में किसी भी कार्य दिवस में उपस्थित होकर लाभ प्राप्त करने हेतु विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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