वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों को दी बधाई

 वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों को दी बधाई



फतेहपुर।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के मध्यम से शिक्षकों को संबोधित करते हुए सभी नव निर्वाचित अध्यापको को बधाई व शुभकामनाएं दी । उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास रहा है कि पौने चार वर्ष के कार्यकाल ने सरकार का पूरा प्रयास रहा कि बिना भेदभाव के योजनाओ का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचाया गया। 19 मार्च 2021 से हमारी सरकार के 04 वर्ष पूरे होने तक 03 लाख 75 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए गए है । जिसमे 69 हजार शिक्षक, 01 लाख 37 हजार पुलिस की भर्ती करके नौकरी दी गई । प्रदेश में 436 प्रवक्ता/सहायक अध्यापकों को स्वीकृत प्रमाण पत्र वितरित किये गए । इसी क्रम में जनपद-फतेहपुर में नव नियुक्त 04 प्रवक्ता, 26 सहायक अध्यापकों को विधायक बिन्दकी करन सिंह पटेल, मा0 विधायक अयाह शाह  विकास गुप्ता, जिलाधिकारी श्रीमती अपूर्वा दुबे के कर कमलों से कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरित किये गए ।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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